खबर उत्तर प्रदेश के बलिया से है। जहां सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में समाजसेवी का अनोखी पहल से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ हैं।सीसोटार गांव निवासी विरेंद्र चौधरी जो अपने पेंशन के खर्चे से गांव में निःशुल्क कोचिंग सेंटर चला रहे हैं। यही नहीं टीचरों को भी अपने पेंशन के खर्चे से ही सैलरी देते हैं। वीरेंद्र चौधरी आरपीएफ में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। जो 2023 में सेवानिवृत हो गये। उसके बाद समाज सेवा के क्षेत्र में उतरकर अब जनता की सेवा कर रहे हैं। और सीसोटार ग्राम सभा से प्रधान पद प्रत्याशी के रूप में दावेदारी भी कर रहे हैं। वही पत्रकारों से बातचीत के दौरान वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था किया गया है। गरीब के बच्चे पैसे के अभाव में कोचिंग में नहीं जा सकते उनको अच्छी शिक्षा देने के लिए निःशुल्क कोचिंग कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं आरपीएफ में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत था।2023 में रिटायरमेंट होने के बाद जब मैं गांव आया तो हमने देखा कि गांव में एक अच्छी शिक्षा की जरूरत है। गरीब के बच्चे पैसे के अभाव में कोचिंग नहीं जा पाते हैं। मैंने प्रयास किया और निःशुल्क कोचिंग का व्यस्था कराया। जिसमें 70 से 80 बच्चे पढ़ते हैं। और जो भी टीचर हमने रखा है। उन सबको अपने पेंशन के हिस्से से तनख्वाह देता हूं। श्री चौधरी ने कहा कि जनता ने मुझे मौका दिया तो इसको और बड़ा करके अच्छी शिक्षा देने का प्रयास करूंगा। क्योंकि जब तक हमारा समाज शिक्षित नहीं होगा देश का विकास नहीं हो सकता। आगे उन्होंने क्या कुछ कहा देखिए इस रिपोर्ट में देखिए बलिया से संवाददाता अंगद कुमार की रिपोर्ट
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