वृन्दावन। रामनगर कॉलोनी स्थित आचार्य कुटी (श्रीकृष्ण मन्दिरम्) में आचार्य कुटी पीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरू स्वामी श्रीरामप्रपन्नाचार्य महाराज के पावन सानिध्य में श्रीगुरु पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित संत-विद्वत सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य परम्परा के संवाहक दंडी स्वामी यदुनंदन सरस्वती महाराज एवं श्रीरँगलक्ष्मी आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रामसुदर्शनाचार्य "नैयायिक गुरुजी" ने कहा कि आचार्य कुटी (श्रीकृष्ण मन्दिरम्) के अधिष्ठाता स्वामी रामप्रपन्नाचार्य महाराज भक्ति-ज्ञान-वैराग्य की प्रतिमूर्ति हैं।उन्होंने अपनी साधना के बल से अनेकों व्यक्तियों का कल्याण कर उन्हें धर्म के मार्ग से जोड़ने का कार्य किया है। प्रख्यात साहित्यकार "यूपी रत्न" डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं भागवताचार्य गोपाल भैया महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में विवेक व ज्ञान का प्रकाश उजागर करने के लिए हमें सदगुरु की परम् आवश्यकता होती है।इसीलिए सदगुरु का पद सदैव सर्वोच्च होता है। श्रीउमाशक्ति पीठ के उत्तराधिकारी स्वामी ओमेश्वरानंद सरस्वती महाराज एवं हरदेव मन्दिर के स्वामी वामदेवाचार्य महाराज ने कहा कि मानव जीवन में सदगुरु का होना अति आवश्यक है।क्योंकि सदगुरु ही हमें संसार रूपी भवसागर से पार कराने का कार्य करते हैं।साथ ही हमें सद्मार्ग की राह दिखाते हैं। प्रख्यात भागवत प्रवक्ता आचार्य नरोत्तम शास्त्री एवं आचार्य डॉ. रामविलास चतुर्वेदी ने कहा कि आचार्य कुटी आश्रम श्रीधाम वृन्दावन का गौरव है।इस आश्रम के द्वारा समूचे देश में जो धर्म व अध्यात्म का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, वो अति प्रशंसनीय है। सन्त-विद्वत सम्मेलन में महंत किशोरी शरण महाराज (मुखिया जी), श्रीराम कथा के यशस्वी प्रवक्ता स्वामी भानुदेवाचार्य महाराज, पण्डित लालमणि ओझा, आचार्य हरिहर शास्त्री, सन्त दास महाराज, संगीताचार्य पण्डित देवकी नन्दन शर्मा, महामंडलेश्वर स्वामी नवल गिरि महाराज, सन्त प्रवर रामदास महाराज (अयोध्या), आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, सन्त रामकृपालु दास रामायणी, संत रामसंजीवन दास शास्त्री, देवदत्त रामायणी, संत सेवानंद ब्रह्मचारी महाराज, आचार्य राजेन्द्र महाराज, आचार्य बनवारी लाल गौड, आचार्य श्याम नारायण पाण्डेय, श्रीशुकाचार्य पीठाधिपति भूति कृष्ण महाराज, हरहर दास महाराज, प्रेमप्रकाशाचार्य महाराज, स्वामी राधाकान्ताचार्य महाराज, राजा पण्डित, डॉ. राधाकांत शर्मा, गोविंदाचार्य महाराज, आचार्य अंकित कृष्ण शास्त्री आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संचालन आचार्य करुणा शंकर त्रिवेदी ने किया। महोत्सव में पधारे सभी सन्तों-विद्वानों एवं धर्माचार्यों का स्वागत व सम्मान स्वामी मधुसूदनाचार्य महाराज ने ठाकुरजी का पटुका-प्रसादी-माला आदि भेंट करके किया। इस अवसर पर अनिल कौशिक (डिस्टिक जज, जयपुर), पूरण शर्मा (न्यायाधीश, जोधपुर), अनिल गुप्ता (दिल्ली), राजकुमार गुप्ता, विजय गुप्ता, अनीस गोयल, अर्जुन गुप्ता, नमन गुप्ता, बालोजी महाराज, अर्जुन दास, जीतू पाण्डेय आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।महोत्सव का समापन सन्त, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारे के साथ हुआ। रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
