AALI की कार्यशाला में 10 राज्यों के अधिवक्ता व 150 से अधिक सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि हुए शामिल, महिला अधिकारों और आत्मरक्षा पर हुआ व्यापक विमर्श
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी लखनऊ। महिला सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत AALI द्वारा आयोजित महिला उत्पीड़न, महिला सुरक्षा एवं आत्मरक्षा विषयक कार्यशाला में देशभर से आए अधिवक्ताओं, विशेषज्ञों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यशाला में महिलाओं के कानूनी अधिकार, आत्मरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और संस्थागत सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में देश के 10 राज्यों से लगभग 70 अधिवक्ता तथा 150 से अधिक सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रतिभागियों ने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम, उन्हें कानूनी रूप से जागरूक बनाने और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उपायों पर अपने विचार साझा किए। कार्यशाला को उत्तर प्रदेश की डीजी श्रीमती रेणुका मिश्रा (आईपीएस), वरिष्ठ वैज्ञानिकों, अमेठी विश्वविद्यालय एवं अवध विश्वविद्यालय की प्रोफेसरों तथा केजीएमयू के डॉक्टरों और प्रोफेसरों ने संबोधित किया। विशेषज्ञों ने महिला सुरक्षा, न्याय व्यवस्था, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर शोध आधारित जानकारी और व्यावहारिक सुझाव दिए। अपने संबोधन में डीजी रेणुका मिश्रा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए बने कानूनी प्रावधानों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना आवश्यक है। उन्होंने सामाजिक संगठनों से प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। कार्यशाला के समापन पर सभी सहभागी संस्थाओं ने संकल्प लिया कि यहां प्राप्त ज्ञान और अनुभवों को समाज में प्रभावी ढंग से लागू करते हुए महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और न्यायपूर्ण वातावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई जाएगी। AALI की यह पहल महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सहयोग को नई दिशा देने वाला एक प्रभावी मंच साबित हुई। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
