फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। डॉ. सोनेलाल पटेल ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में इंसानियत और सेवा की एक प्रेरणादायी तस्वीर देखने को मिली। हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. अवंतिका पांडे के आह्वान पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मोना सक्सेना ने अस्पताल में भर्ती लावारिस एवं असहाय मरीजों के लिए वस्त्र उपलब्ध कराए और उनका वितरण किया। इस पहल ने न केवल जरूरतमंद मरीजों को राहत पहुंचाई, बल्कि समाज के सामने मानवता का अनुकरणीय संदेश भी प्रस्तुत किया। मेडिकल कॉलेज में अक्सर ऐसे मरीज भर्ती होते हैं, जिनके साथ कोई परिजन नहीं होता और जिनके पास पहनने के लिए पर्याप्त कपड़े तक उपलब्ध नहीं होते। इस संवेदनशील समस्या को देखते हुए हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. अवंतिका पांडे ने समाज के लोगों से सहयोग की अपील की थी। उनके आह्वान पर डॉ. मोना सक्सेना ने तुरंत सहयोग करते हुए जरूरतमंद मरीजों के लिए वस्त्र उपलब्ध कराए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अस्पताल केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का भी प्रतीक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि असहाय मरीजों की सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म है और समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को ऐसे कार्यों में आगे आना चाहिए। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज खत्री ने कहा कि किसी जरूरतमंद की मदद करने से उसे केवल वस्तु नहीं, बल्कि सम्मान, अपनापन और नई उम्मीद मिलती है। वहीं डॉ. मोना सक्सेना ने कहा कि लावारिस मरीजों की सेवा से जो आत्मिक संतोष मिलता है, उसकी कोई तुलना नहीं है। हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. अवंतिका पांडे ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन का प्रयास है कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के साथ मानवीय देखभाल भी मिले। उन्होंने समाजसेवी संस्थाओं, स्वयंसेवकों और जागरूक नागरिकों से इस सेवा अभियान में सहभागी बनने की अपील की। इस अवसर पर सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज खत्री, दिनेश तिवारी, विजय यादव एवं विनीत सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रयास समाज में सेवा और संवेदना की भावना को और मजबूत करेंगे। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
