फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी कासगंज l देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती घोटालों और 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भीम आर्मी भारत एकता मिशन तथा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने कड़ा रुख अपनाया है। दोनों संगठनों ने कासगंज जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और शिक्षा व भर्ती प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि NEET, JEE, पुलिस भर्ती, शिक्षक भर्ती, रेलवे और SSC जैसी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं के खिलाफ छात्र जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, जहां पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में कई छात्र-छात्राएं घायल हुए। संगठनों ने इसे संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त अधिकारों और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है।
अपनी मांगों को रेखांकित करते हुए दोनों संगठनों ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें। इसके साथ ही जंतर-मंतर की घटना और छात्राओं के साथ हुए दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराने, आंदोलन से संबंधित परिस्थितियों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने, संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा कराने तथा प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने की मांग की गई है।भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का कहना है कि शिक्षा माफिया और पेपर लीक गिरोहों पर कठोर कार्रवाई कर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है। रिपोर्ट संजय सिंह 151110069
