वृन्दावन। दावानल कुण्ड स्थित श्रीहरिबाबा आश्रम में श्रीहरि बाबाजी मेमोरियल ट्रस्ट के द्वारा पूज्य बाबा हरेकृष्ण ब्रह्मचारी महाराज का 13 दिवसीय हरि पद प्राप्ति महोत्सव (तिरोभाव महोत्सव) विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सम्पन्न हुआ।जिसके अंतर्गत अखण्ड श्रीहरिनाम संकीर्तन, वृहद सन्त विद्वत सम्मेलन, सन्त-विप्र-ब्रजवासी-वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारा आदि के कार्यक्रम सम्पन्न हुए।
इस अवसर पर अखंडानंद आश्रम के अध्यक्ष महंत स्वामी श्रवणानंद सरस्वती महाराज एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. राम कृपालु त्रिपाठी महाराज ने कहा कि पूज्य बाबा हरेकृष्ण ब्रह्मचारी महाराज के रोम-रोम में संतत्व विद्यमान था।उन्होंने अपना समूचा जीवन प्रभु भक्ति और जन कल्याण के लिए समर्पित किया।
सन्त प्रवर गोविंदानंद तीर्थ महाराज एवं भागवत प्रवक्ता आचार्य अनुराग कृष्ण शास्त्री (कन्हैयाजी) ने कहा कि पूज्य हरेकृष्ण ब्रह्मचारी महाराज अत्यन्त सहज, सरल, उदार व परोपकारी थे।उन्होंने असंख्य व्यक्तियों को भगवद्भक्ति के मार्ग से जोड़कर उनके कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया।
आश्रम के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शास्त्री एवं उपाध्यक्ष कपिल गुप्ता ने कहा कि पूज्य हरेकृष्ण ब्रह्मचारी महाराज का निकुज गमन 102 वर्ष की आयु में हुआ।उनका अंतिम संस्कार बांध (संभल) में गंगा तट पर किया गया।
प्रख्यात साहित्यकार यूपी रत्न डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं सन्त सेवानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि पूज्य हरेकृष्ण ब्रह्मचारी महाराज जैसे संतों से ही पृथ्वी पर धर्म व अध्यात्म का अस्तित्व है।हम लोगों ने ईश्वर को कहां देखा है? पूज्य महाराजश्री जैसे संत ही हमको पृथ्वी पर प्रभु सत्ता का आभास कराते हैं।
महोत्सव में "याज्ञिक रत्न" आचार्य विष्णुकांत शास्त्री, प्रमुख समाजसेवी बिहारी लाल सर्राफ, हरि बाबा आश्रम के सचिव राम गोपाल शर्मा, मुकेश अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, सौदान सिंह, श्रीमद्भागवत के प्रकांड विद्वान आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, श्रीराम कथा मर्मज्ञ स्वामी भानुदेवाचार्य महाराज, सन्त रामदास महाराज एवं डॉ. राधाकांत शर्मा आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
