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- टांडा तहसील में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई रोकने की मांग
- जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के नोटिस का विरोध, अधिवक्ताओं ने उठाई सुरक्षा की मांग
- रामपुर: राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई रोकने की अपील
- अधिवक्ताओं बोले— जौहर यूनिवर्सिटी शिक्षा का केंद्र, ध्वस्तीकरण पर लगे रोक
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उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद की टांडा तहसील में जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। अधिवक्ताओं ने विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने और संस्थान को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। टांडा तहसील में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को कथित रूप से बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण के आधार पर नोटिस जारी किया गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और यहां से शिक्षा प्राप्त कर अनेक छात्र देश के विकास में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने मांग की कि जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा विश्वविद्यालय को आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाए। उनका कहना है कि यह संस्थान प्रदेश और देश में शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अधिवक्ता सतपाल सिंह (अध्यक्ष), प्रीति सैनी, सचिन खुर्शीद, एडवोकेट जफरुद्दीन खान, एडवोकेट मोहम्मद लईक, एडवोकेट हरिराम, अफजल, फारूक सैफी, प्रमोद कुमार चौहान, मोहम्मद इमरान पाशा, सोहेल अहमद एडवोकेट सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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