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" आदि केशव तीर्थ पर गूंजा " नदी नहीं, मां हैं गंगा, जो हमें राष्ट्रीय एकता के सूत्र में पिरोती हैं..."
  • 151009219 - RAVINDRA GUPTA 0 0
    19 Jul 2026 18:07 PM



" करोड़ों भारतीयों का पेट भरती हैं मां गंगा, इसे मैला न करें - गंगा सेवक ने की अपील "

वाराणसी । कौन कहता है गंगा नदी हैं ? वो तो करोड़ों भारतीयों का पेट भरती हैं। मां हैं, जो जन्म देने वाली मां की तरह भारत भूमि के सभी जड़-चेतन प्राणियों एवं वृक्ष-वनस्पतियों का भरण पोषण करती हैं। मां गंगा के प्रति गंगा सेवक राजेश शुक्ला के यह श्रद्धा भरे उद्गार रविवार को काशी के प्राचीन विष्णु तीर्थ पर भगवान भास्कर के उदित होते ही सुनाई पड़े । गंगा सेवक ने कहा कि नि:संदेह गंगा हिंदू सभ्यता और संस्कृति की सबसे अनमोल धरोहर हैं जो सनातन जीवन मूल्यों में आस्था रखने वाले हर भावनाशील भारतीय को अनुप्राणित करती हैं। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने आम जनमानस को जागरुक करते हुए कहा कि मां गंगा भारत की एक प्रमुख सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और भौगोलिक धरोहर हैं, जो करोड़ों लोगों को जल, जीविका और आस्था के माध्यम से एक सूत्र में पिरोती हैं। उत्तराखंड से बंगाल तक बहने वाली गंगा केवल भौगोलिक सीमाएं ही नहीं, बल्कि धर्म, दर्शन और परंपराओं को जोड़कर राष्ट्र को एकता के धागे में बांधती है। बताया कि हमारे महान ऋषियों की गहन तप साधना से जाग्रत गंगा तटों पर ही रामायण और महाभारत जैसी दिव्य सभ्यताओं का उद्भव और विकास हुआ था। वेद-पुराण, श्रुति, उपनिषद, ब्राह्मण व आरण्यक जैसे ज्ञान के अनमोल खजाने मां गंगा की दिव्य गोद में ही सृजित हुए थे। गंगा तटों पर आश्रम विकसित कर हमारे तत्वदर्शी ऋषियों ने पर्यावरण संतुलन के सूत्रों के द्वारा नदियों, पहाड़ों, जंगलों व पशु-पक्षियों सहित समूचे जीवजगत के साथ सहअस्तित्व की अद्भुत अवधारणा विकसित की थी। सनातनधर्मियों की प्रगाढ़ आस्था है कि कलिमलहारिणी गंगा मैया के निर्मल जल में स्नान से सारे पाप सहज ही धुल जाते हैं और यदि जीवन के अंतिम क्षण में मुंह में दो बूंद गंगाजल डाल दिया जाए तो बैकुंठ मिल जाता है। मां गंगा हम भारतीयों को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में पिरोती हैं। करोड़ों भारतीयों का पेट भरती हैं।आर्य-अनार्य, वैष्णव-शैव, साहित्यकार-वैज्ञानिक सभी ने एकस्वर में इसके महत्व को स्वीकार किया है। आइए हम सब मां गंगा की शुद्धि व सुरक्षा के लिए संकल्पबद्ध होकर पूरे मन से प्रयास करें ।। रविन्द्र गुप्ता 151009219



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