फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया l
यूपी, गोरखपुर जनपद के चौरीचौरा थाना क्षेत्र की रहने वाली 36 वर्षीय महिला ने लखनऊ में एक महीने तक बंधक बनाकर अमानवीय यातनाएं देने, दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि वह किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर 8 जुलाई को जंजीरों समेत अपने मायके पहुंची, लेकिन अब तक उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
पीड़िता के अनुसार, वह 4 जून को ड्राइवर इलियास के साथ काम की तलाश में लखनऊ गई थी। वहां अलीगंज क्षेत्र स्थित एक मकान में उसे कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया। महिला का आरोप है कि सौम्या नाम की महिला और उसके ड्राइवर इलियास ने उसे घर में कैद कर लिया। उसके हाथ-पैरों में जंजीरें डाल दी गईं, गले में भी जंजीर बांधकर रखा गया तथा लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी गई।
महिला का आरोप है कि इस दौरान उसे जबरन शराब पिलाई गई, लोहे की रॉड से मारपीट कर उसका हाथ तोड़ दिया गया और अलग-अलग पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया गया। उसने आरोप लगाया कि सौम्या के पति सिद्धार्थ जायसवाल सहित अन्य लोगों ने भी उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने बताया कि इलियास उसके दामाद का मित्र था और करीब एक वर्ष पहले उसके संपर्क में आया था। उसके अनुसार, इलियास से उसका तीन माह का एक बच्चा भी है। आरोप है कि इलियास बच्चे को बेचने की धमकी देता था और विरोध करने पर उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था।
महिला का कहना है कि घर में काम करने वाली एक महिला सरोज की मदद से वह किसी तरह आरोपियों के कब्जे से भाग निकलने में सफल हुई और अपने मायके पहुंची। घटना के बाद से वह गहरे मानसिक आघात में है और भय के कारण सामान्य रूप से बात भी नहीं कर पा रही है।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी पक्ष उसे फोन कर 15 लाख रुपये के सोने की चोरी के झूठे मामले में फंसाने तथा पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी दे रहा है।
पीड़िता का कहना है कि उसने मुख्यमंत्री और एडीजी पुलिस के नाम प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है, लेकिन अब तक उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उसका आरोप है कि घटना लखनऊ की होने का हवाला देकर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे उसे न्याय के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। रिपोर्ट जसवीर मोदनवाल 151167985
