संगम लाल गुप्ता का सांसद पर तीखा हमला, बोले— जनता को गुमराह करने की हो रही कोशिश
प्रतापगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज, पूर्व सांसद संगम लाल गुप्ता ने सांसद पर साधा निशाना
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद संगम लाल गुप्ता ने सांसद के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन पर जातीय भावनाएं भड़काकर जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को जाति और बिरादरी के चश्मे से देखना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विपरीत है। पूर्व सांसद ने अपने बयान में कहा कि "दो वर्षों तक जनता के बीच से नदारद रहने वाले सांसद अब अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख जातीय उन्माद फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। जनता की समस्याओं पर जवाब देने के बजाय समाज को जातियों में बांटने की राजनीति की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।" उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, अस्पताल, विद्यालय, पेयजल, बिजली और अन्य सभी विकास कार्य किसी एक जाति, वर्ग या समुदाय के लिए नहीं बनाए जाते, बल्कि उनका लाभ समाज के प्रत्येक नागरिक को मिलता है। ऐसे में विकास योजनाओं को जातीय रंग देकर प्रस्तुत करना केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास है। संगम लाल गुप्ता ने कहा कि प्रतापगढ़ की जनता हमेशा विकास, भाईचारे और सामाजिक समरसता की पक्षधर रही है। यहां के लोगों ने कभी भी समाज को बांटने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बीच अपनी सक्रियता और जनसेवा का अभाव छिपाने के लिए कुछ लोग अब भावनात्मक और जातीय मुद्दों को हवा देने का प्रयास कर रहे हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का दायित्व लोगों की समस्याओं का समाधान करना, क्षेत्र के विकास को गति देना और समाज में एकता बनाए रखना होता है। यदि कोई जनप्रतिनिधि विकास के मुद्दों को छोड़कर जातीय ध्रुवीकरण की राजनीति करता है, तो इससे लोकतंत्र और समाज दोनों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा, "सड़क किसी एक बिरादरी की नहीं, बल्कि हर किसान, मजदूर, छात्र, व्यापारी, महिला और आम नागरिक की होती है। विकास पर किसी जाति या वर्ग का अधिकार नहीं, बल्कि पूरे समाज का समान अधिकार है। इसलिए विकास को जातीय नजरिए से देखना जनता का भी अपमान है।" संगम लाल गुप्ता ने कहा कि प्रतापगढ़ की जनता राजनीतिक बयानबाजी और समाज को बांटने वाली सोच को भली-भांति समझती है। जनता अब विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है, न कि जातीय उन्माद और भ्रामक राजनीति। उन्होंने कहा कि जनता समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से ऐसे प्रयासों का जवाब देगी। अपने बयान के अंत में पूर्व सांसद ने इस प्रकार की राजनीति की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "समाज को बांटने और जातीय उन्माद फैलाने की राजनीति जितनी भी निंदनीय कही जाए, कम है। मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि ऐसे लोगों को सद्बुद्धि मिले और वे समाज को विभाजित करने के बजाय विकास और जनसेवा के मार्ग पर चलें। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
