वाराणसी। वाराणसी में एक बीमार शिक्षक की करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से हड़पने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर भाजपा नेता समेत 10 नामजद लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
इसी क्रम में विशाल मिश्रा पुत्र शिवप्रकाश मिश्रा एवं उनकी पत्नी तान्या मिश्रा ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश मिश्रा के पुत्र अभिषेक मिश्रा और उनकी माता श्रीमती प्रमिला मिश्रा द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता सुरेश सिंह, नितेश राय (सोनू), प्रवीण कुमार सिंह सहित जिन लोगों को इस मामले में नामजद किया गया है, उन्हें जानबूझकर फंसाने और उनकी सामाजिक एवं राजनीतिक छवि धूमिल करने की साजिश रची गई है।
उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सत्य सामने आने पर सभी आरोप बेबुनियाद साबित होंगे। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस न्यायालय के आदेश के आधार पर दर्ज मुकदमे की विवेचना कर रही है।
नोट: यह समाचार दोनों पक्षों के दावों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
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