जानकारी के अनुसार, अक्टूबर में वाराणसी के नमो घाट पर प्रस्तावित एयर शो के ट्रायल के लिए तीन लड़ाकू विमान उड़ान भर रहे थे।
इसी दौरान किसी ने सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट प्रसारित कर दी, जिसमें एक विमान के शिवदशां गांव में गिरने का दावा किया गया। देखते ही देखते यह पोस्ट विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सऐप समूहों में वायरल हो गई।
सूचना मिलते ही चौबेपुर पुलिस सक्रिय हुई और कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव पुलिस टीम के साथ शिवदशां गांव पहुंचे।
जांच में कहीं भी विमान दुर्घटना जैसी कोई घटना नहीं मिली। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी सूचना की पुष्टि किए बिना उसे साझा न करने की अपील की।
कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक सूचना के कारण लोग भ्रमित हो गए थे, लेकिन जांच में ऐसी कोई घटना नहीं पाई गई।
शाम को डिफेंस के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने भी आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि लड़ाकू विमान के क्रैश होने की खबर पूरी तरह भ्रामक और निराधार है। उन्होंने लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करने और अफवाहों से बचने की अपील की।