साइबर क्राइम थाना और महुली पुलिस ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो और वांछितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शेयर बाजार में 50 से 60 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने का लालच देकर करीब 30 करोड़ रुपये की ठगी की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महुली क्षेत्र के गायघाट निवासी विक्रांत प्रकाश सिंह और चंद्रहर निवासी सत्यप्रकाश यादव के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि गिरोह ने एआईआईपीएल ट्रेडिंग और टीवीएस सॉल्यूशन के नाम से कार्यालय संचालित कर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया।
ठगी से हासिल रकम का इस्तेमाल आरोपियों ने अवैध संपत्ति बनाने में किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कई स्थानों पर जमीन और मकान खरीदे जिसकी जांच की जा रही है। मामले की शुरुआत 18 अक्तूबर 2025 को हुई थी जब महुली क्षेत्र के हटवा निवासी संतलाल मौर्य ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
आरोप लगाया कि शेयर बाजार में 50 से 60 प्रतिशत लाभ का भरोसा देकर उनसे विभिन्न माध्यमों से 51 लाख रुपये निवेश कराए गए, लेकिन न तो रकम वापस मिली और न ही वादे के मुताबिक मुनाफा। संतलाल मौर्य ने विश्वनाथपुर में संचालित टीवीएस सॉल्यूशन और एआईआईपीएल ट्रेडिंग पर रुपये हड़पने का आरोप लगाया।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी कुशीनगर हाटा क्षेत्र के मुंडेरा उपाध्याय गांव के रहने वाले धनंजय शुक्ला और छत्तीसगढ़ की रजनी प्रजापति को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा चुकी है।
पुलिस का कहना है कि मामले में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही ठगी से अर्जित संपत्तियों और लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
निवेश नहीं, चल रहा था ‘पोंजी मॉडल’
पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी अपने एजेंटों और सहयोगियों के जरिये लोगों को एआईआईपीएल ट्रेडिंग नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश कराते थे। निवेशकों को मोबाइल स्क्रीन पर वर्चुअल बैलेंस और लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता था जबकि वास्तव में रकम शेयर बाजार में लगाई ही नहीं जाती थी।
नए निवेशकों से आने वाली रकम से पुराने निवेशकों को भुगतान कर भरोसा कायम रखा जाता था। इसी तरीके से गिरोह ने लगभग 30 करोड़ रुपये जुटा लिए।
यह है ‘पोंजी मॉडल’
यह धोखाधड़ी के लिए गढ़ी गई निवेश योजना होती है। इसमें लोगों से कहा जाता है कि कम समय में अधिक रिटर्न मिलेगा। शुरुआती निवेशकों को कुछ समय तक रुपये दिए भी जाते हैं ताकि लोगों का भरोसा बढ़े। वे लोग दूसरों को भी निवेश करने के लिए प्रेरित करते हैं।
दोनों आरोपियों ने बनाई करोड़ों की संपत्ति
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी विक्रांत प्रकाश सिंह निवेशकों को जोड़ने और धनराशि एकत्र करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। उसने ठगी से करीब चार करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। वहीं, सत्यप्रकाश यादव ने करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति बनाई। इस रकम से खजनी, सहजनवां और संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
लखनऊ में मकान जब्त करने की कार्रवाई शुरू
मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला ने अपराध से अर्जित रकम से लखनऊ में मकान खरीदा था। पुलिस ने मकान जब्त कराने के लिए कोर्ट में रिपोर्ट पेश की है। इसके अलावा अपराध से खरीदी गई अन्य संपत्तियों के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर रोक लगाने के लिए उप निबंधक कार्यालय खलीलाबाद, खजनी और सहजनवां को भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने मुकदमे में पहले से लगी धाराओं के साथ गंभीर धाराएं जोड़ते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि गिरोह में शामिल अन्य जालसाजों की भी जांच जारी है।
ठगी के मामले में विवेचना के दौरान सामने आए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी करके जेल भेज दिया गया: अभयनाथ मिश्रा, सीओ, धनघटा रिपोर्ट फूलमती मौर्य 151188511
