- शिवपुरी: सरकारी स्कूल में शिक्षक गायब, बच्चे खेलते मिले, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
- चिरली स्कूल में शिक्षकों की अनियमितता के आरोप, शिक्षा व्यवस्था पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
- 'रजिस्टर में हाजिरी, स्कूल से नदारद'—अतिथि शिक्षिका पर ग्रामीणों के गंभीर आरोप
- शिवपुरी के सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था, जांच की मांग तेज
- स्कूल पहुंचे तो शिक्षक नहीं, मैदान में खेलते मिले छात्र; ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
- चिरली शासकीय विद्यालय पर सवाल: शिक्षकों की कथित लापरवाही से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की करेरा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत चिरली के सरकारी स्कूल की व्यवस्था पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जब 6 जुलाई 2026 को हमारी टीम ग्राम पंचायत चिरली के सरकारी स्कूल पहुँची, तब विद्यालय में कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं था। इस दौरान बच्चे पढ़ाई करने के बजाय खेलते हुए दिखाई दिए। कुछ समय बाद विद्यालय के प्राचार्य दयाकिशोर शर्मा स्कूल पहुँचे।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षक समय पर नहीं आते और शिक्षण व्यवस्था प्रभावित रहती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अतिथि शिक्षक प्रियंका दुबे की पिछले शैक्षणिक सत्र में ऑनलाइन पोर्टल और उपस्थिति रजिस्टर में नियमित उपस्थिति दर्ज रही तथा उन्हें वेतन भी मिला, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि वे विद्यालय नहीं आईं। ग्रामीणों का कहना है कि 1 जुलाई 2026 से भी उनकी उपस्थिति दर्ज हो रही है, लेकिन वे अब तक स्कूल नहीं पहुँची हैं। जब इस संबंध में प्राचार्य दयाकिशोर शर्मा से सवाल किया गया तो उनका कहना था कि वे प्रियंका दुबे को नहीं जानते। इसी बीच ग्रामीणों ने शिक्षिका श्वेता गुप्ता की उपस्थिति को लेकर भी शिकायत की। उनका आरोप है कि वे नियमित रूप से विद्यालय नहीं आतीं और जब आती हैं तो देर से पहुँचती हैं तथा निर्धारित समय से पहले चली जाती हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। संबंधित शिक्षकों और शिक्षा विभाग का विस्तृत पक्ष भी अभी प्राप्त नहीं हुआ है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग की है। देखे आकाश लोधी की रिपोट

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