फास्ट न्यूज इंडिया गोरखपुर। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व विभाग अध्यक्ष, समाजसेवी व उद्यमी बाल कृष्ण सराफ (97 वर्ष) का शनिवार दोपहर गोलघर गांधी गली स्थित आवास पर निधन हो गया। रविवार सुबह उनका अंतिम संस्कार राजघाट पर सुबह नौ बजे से होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फोन पर शोकाकुल परिवार से बातचीत कर शोक जताते हुए ढांढ़स बधाया। बालकृष्ण सराफ का जीवन केवल व्यापार और सामाजिक सेवा तक सीमित नहीं था। पूर्वांचल में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आंदोलन के दौरान अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णुहरि डालमिया, साध्वी ऋतंभरा, विनय कटियार, प्रवीण तोगड़िया सहित कई प्रमुख नेताओं का उनके आवास पर आना-जाना रहा। गोरखनाथ मंदिर से भी उनका गहरा नाता था। बाल कृष्ण सराफ के बड़े बेटे अतुल सराफ ने बताया कि कुछ दिनों से सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। शुक्रवार को उनकी तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद निजी अस्पताल ले जाया गया। राहत मिलने पर उन्हें आवास पर ले आया गया। शनिवार दोपहर 2:15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। निधन की सूचना मिलते ही उनके आवास पर पहुंचकर शहर के उद्यमी, व्यापारी और गणमान्य लोगों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। वे अपने पीछे दो पुत्र अतुल सराफ और अनूप सराफ के अलावा तीन पौत्र वैभव, सौमित्र और शांतनु सराफ सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। रिपोर्ट फूलमती मौर्य 151188511
