चिकित्सक मानवता के सच्चे प्रहरी'— राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर आईएमए प्रतापगढ़ का गरिमामय समारोह
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) शाखा प्रतापगढ़ के तत्वावधान में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस का भव्य आयोजन होटल जिंजर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए शाखा अध्यक्ष डॉ. शशि प्रभा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, प्रतापगढ़ के प्रधानाचार्य डॉ. सोमनाथ तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला महिला चिकित्सालय के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.के. पाण्डेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ आईएमए की प्रार्थना एवं भारत रत्न डॉ. बिधान चन्द्र राय के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। अध्यक्ष डॉ. शशि प्रभा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए चिकित्सकों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. घनश्याम अग्रवाल ने डॉ. बिधान चन्द्र राय के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. राय का जन्म 1 जुलाई 1882 को पटना में हुआ था। उन्होंने चिकित्सा, शिक्षा, राजनीति और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। वे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रथम अध्यक्ष बने। देश के प्रति उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 1961 में भारत रत्न से सम्मानित किया। उनके जन्मदिवस 1 जुलाई को पूरे देश में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय सेवाओं के लिए डॉ. सुभाष चन्द्र मिश्र को प्रशस्ति-पत्र, अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को भी सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। विशिष्ट अतिथि डॉ. आर.के. पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. बिधान चन्द्र राय का जीवन प्रत्येक चिकित्सक के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए सेवा, समर्पण और मानवता की भावना के साथ कार्य करना चाहिए। मुख्य अतिथि डॉ. सोमनाथ ने कहा कि चिकित्सक केवल रोगों का उपचार ही नहीं करते, बल्कि वे स्वयं भी मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में समाज का दायित्व है कि वह चिकित्सकों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग का भाव रखे तथा उन्हें केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि जीवन रक्षक के रूप में देखे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. ए.के. कुलश्रेष्ठ ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। समारोह का संचालन डॉ. शिव मूर्ति लाल मौर्य ने किया। इस अवसर पर डॉ. घनश्याम अग्रवाल, डॉ. रवि कुमार श्रीवास्तव, डॉ. एस.एस. गुप्त, डॉ. शशि प्रभा गुप्त, डॉ. दीपिका केसरवानी, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. वर्तिका सिंह, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. सचिन मौर्य, सुष्मिता मौर्य सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह में चिकित्सकों के योगदान को सम्मानित करने के साथ समाज और चिकित्सा जगत के बीच विश्वास एवं सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने का संदेश दिया गया। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
