लोहाघाट/चम्पावत। उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट में लंबे समय से सेवाएं दे रहे वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. मंजीत सिंह का स्थानांतरण गदरपुर किए जाने की सूचना के बाद क्षेत्र में निराशा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. मंजीत सिंह ने वर्षों तक गरीब और जरूरतमंद मरीजों की निस्वार्थ भाव से सेवा की और अपनी कार्यशैली से लोगों का विश्वास जीता।
क्षेत्रवासियों के अनुसार, कई अवसरों पर अस्पताल में दवाइयों की कमी होने पर उन्होंने अपने निजी संसाधनों से मरीजों की मदद की। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, जरूरत पड़ने पर मरीजों के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं कराने तथा मानवीय संवेदनाओं के साथ चिकित्सा सेवा देने के कारण वे लोगों के बीच विशेष पहचान रखते हैं।
स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि डॉ. मंजीत सिंह ने घायल और बीमार पशुओं, विशेषकर बेसहारा कुत्तों के उपचार और देखभाल में भी व्यक्तिगत रुचि दिखाई। इसी कारण ग्रामीण, बुजुर्ग और जरूरतमंद वर्ग उन्हें एक संवेदनशील चिकित्सक के रूप में देखता है।
डॉ. मंजीत सिंह के स्थानांतरण पर कई सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने चिंता व्यक्त करते हुए शासन से जनहित में उनके तबादले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि सेवाभावी चिकित्सकों को प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाना चाहिए ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें। हालांकि, स्थानांतरण शासन की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है और इस संबंध में शासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थानांतरण निरस्त करने को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।