फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में 30 जून को प्रस्तावित अयोध्या दर्शन कार्यक्रम से पहले कांग्रेस नेताओं की कथित नजरबंदी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए प्रदेश सरकार की कार्रवाई का विरोध किया है। कांग्रेस नेता डॉ. नीरज त्रिपाठी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सोमवार रात्रि लगभग 9 बजे प्रतापगढ़ के कांग्रेस जिला अध्यक्ष को पुलिस द्वारा बिना कोई स्पष्ट कारण बताए नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि यदि विपक्ष के नेताओं को केवल भगवान श्रीराम के दर्शन-पूजन के लिए अयोध्या जाने से रोका जा रहा है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। डॉ. त्रिपाठी ने कहा, "क्या इस देश में अब भगवान श्रीराम के दर्शन करना भी अपराध हो गया है? श्रीराम पूरे देश की आस्था, संस्कृति और मर्यादा के प्रतीक हैं, किसी एक दल की राजनीतिक विरासत नहीं।" उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं और विपक्षी नेताओं को अयोध्या जाने से रोकना संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों को अपनी धार्मिक आस्था के अनुरूप पूजा-अर्चना करने का समान अधिकार है। कांग्रेस नेता ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि नजरबंद किए गए सभी कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को तत्काल मुक्त किया जाए तथा उन्हें बिना किसी रोक-टोक के अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन-पूजन करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और इस प्रकार की कार्रवाई का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा। रिपोर्ट विशाल रावत डिस्ट्रिक ब्यूरो चीफ प्रतापगढ़ 151019049
