फास्ट न्यूज इंडिया यूपी सुल्तानपुर। निरंकारी मिशन की अलीगंज शाखा में रविवार को आयोजित ज़ोनल स्तरीय बाल समागम श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों का अनुपम संगम बन गया। कार्यक्रम में सुल्तानपुर, अमेठी और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चों, अभिभावकों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। पूरे दिन आध्यात्मिक वातावरण के बीच बच्चों ने अपने ज्ञान, प्रतिभा और संस्कारों का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ सतगुरु की वंदना एवं सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ। मुंबई (महाराष्ट्र) से पधारे सतगुरु स्वरूप महात्मा बाकुल तारिवाला जी ने अपने प्रेरणादायी विचारों में कहा कि बच्चों में बचपन से ही सेवा, विनम्रता, अनुशासन और मानवता के संस्कार विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा बच्चों को एक अच्छा इंसान बनने की दिशा प्रदान करती है और यही संस्कार आगे चलकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ज़ोनल इंचार्ज रितेश टंडन (लखनऊ) ने बाल प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बाल समागम केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है। सुल्तानपुर के संयोजक राजेंद्र कुमार रावत ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सेवादारों, आयोजकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। वहीं अलीगंज शाखा के मुखी निर्मल चंद्र साहू ने सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के चरणों में सभी के सुख, शांति एवं मानव कल्याण की प्रार्थना करते हुए बाल सत्संग को निरंतर आगे बढ़ाने का आशीर्वाद मांगा। समागम में ज़ोन की 17 सामूहिक बाल सत्संग टीमों ने भक्ति गीत, प्रेरक प्रसंग, आध्यात्मिक संदेश एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रस्तुति ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं की खूब सराहना बटोरी। कार्यक्रम का सफल संचालन परसावां (अमेठी) की बहन शगुन तथा सुल्तानपुर शाखा की बहन कशिश ने प्रभावी ढंग से किया। समागम में लगाई गई बाल प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जहां बच्चों ने आध्यात्मिक, नैतिक एवं सामाजिक विषयों से जुड़ी ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी का अवलोकन कर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर डॉ. आलोक, वृंदावन तिवारी, बहन सोनी, फूलकली, क्षेत्रीय संचालक राजाराम सहित अनेक महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरे आयोजन में प्रेम, भाईचारे, सेवा और मानवता का संदेश गूंजता रहा। अंत में सभी ने विश्व शांति, मानव कल्याण और सद्भावना की प्रार्थना करते हुए "धन निरंकार" का उद्घोष किया। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
