खेरागढ़-सैया रोड स्थित बाबा दीनदयाल धाम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार, 27 जून को हवन-यज्ञ एवं विशाल भंडारे के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। समापन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से हवन-पूजन संपन्न कराया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
सात दिवसीय कथा का वाचन मथुरा-वृंदावन से पधारे पंडित गोपीचंद शास्त्री ने किया। कथा के दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा, सदाचार, भक्ति और सकारात्मक सोच का संचार करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
भंडारे की सबसे विशेष बात यह रही कि इसकी संपूर्ण व्यवस्था ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से संभाली। आयोजन समिति ने अलग-अलग ग्रामीणों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी थीं। किसी ने प्रसाद वितरण, किसी ने भोजन परोसने, तो किसी ने पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाओं का दायित्व निभाया। सभी ने सेवा भाव, अनुशासन और आपसी सहयोग के साथ जी-जान से कार्य कर आयोजन को सफल बनाया।
भंडारे में श्रद्धालुओं को खीर, पूड़ी, पुआ, सब्जी सहित अन्य प्रसाद श्रद्धापूर्वक वितरित किया गया। पेयजल एवं बैठने की समुचित व्यवस्था भी की गई। खेरागढ़ क्षेत्र एवं आसपास के अनेक गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
समापन अवसर पर पूरा बाबा दीनदयाल धाम भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। हवन-यज्ञ, कथा और भंडारे के माध्यम से श्रद्धालुओं ने धर्म, सेवा और श्रद्धा का अनुपम संगम देखा। आयोजन समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी ग्रामवासियों, सेवाभावियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। रिपोट - शाहरुख़ बेग 151188410
