वृन्दावन। चैतन्य विहार फेस - 2 स्थित संस्कार लोक गुरुकुलम में प्रख्यात अध्यात्मविद् ब्रह्मलीन पंडित राजवंशी द्विवेदी महाराज की 23 वीं पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में अव्यय पद प्राप्ति महोत्सव अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ संपन्न हुआ।सर्वप्रथम उनके चित्रपट का संतों व भक्तों के द्वारा पूजन-अर्चन किया गया।साथ ही साथ ही उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण किया गया।
इस अवसर पर आयोजित सन्त-विद्वत संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए गोलोक धाम पीठाधीश्वर स्वामी गोपाल शरण देवाचार्य महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन पंडित राजवंशी द्विवेदी महाराज की ठाकुर श्रीराधा-कृष्ण और वृन्दावन के प्रति अपार निष्ठा थी।उन्होंने श्रीधाम वृन्दावन से बाहर न जाने का संकल्प लिया हुआ था।
महोत्सव के संयोजक डॉ. अशोक शास्त्री व श्यामेश शास्त्री ने कहा कि हमारे सदगुरुदेव ब्रह्मलीन पंडित राजवंशी द्विवेदी महाराज वेद, पुराण, उपनिषद व शास्त्र आदि समस्त धर्म ग्रंथों के प्रकांड विद्वान थे।
आचार्य सच्चिदानंद द्विवेदी महाराज (भैया जी) एवं पण्डित रविशंकर पाराशर (बवेले जी) ने कहा कि पूज्य सदगुरुदेव ब्रह्मलीन पंडित राजवंशी द्विवेदी महाराज सहजता, सरलता, उदारता व परोपकारी के मूर्तिमान स्वरूप थे।
प्रख्यात साहित्यकार "यूपी रत्न" डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि ब्रह्मलीन पंडित राजवंशी द्विवेदी महाराज अपने समस्त शिष्यों की एक माता की भांति देखभाल करते थे।उनके द्वारा वेद अध्ययन करने वाले शिष्य आज विश्वभर में सनातन धर्म की पताका लहरा रहे हैं।
सन्त-विद्वत संगोष्ठी में श्रीराम कथा मर्मज्ञ अशोक व्यास महाराज, आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, आचार्य नरोत्तम चतुर्वेदी, आचार्य रविन्द्र कृष्ण शास्त्री, सन्त प्रवर रामदास महाराज, आचार्य विपिन बापू महाराज, आचार्य करुणा शंकर त्रिवेदी, आचार्य अभिषेक शास्त्री, आचार्य अवधेश शास्त्री, पण्डित श्याम नारायण पाण्डेय, प्रख्यात भजन गायक बनवारी महाराज, डॉ. राधाकांत शर्मा, रासाचार्य स्वामी रामवल्लभ शर्मा, पण्डित रामदत्त मिश्र, एस्ट्रो गोपाला महाराज, सन्त प्रियाशरण भक्तमाली, आचार्य अश्वनी मिश्र, आचार्य राजेश शास्त्री, पण्डित श्याम सुन्दर ब्रजवासी, जगदीश शर्मा (ठाकुरजी) आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संचालन आचार्य सुखेन्द्र मिश्र ने किया।
इससे पूर्व आयोजित हुई सरस भजन संध्या में प्रख्यात संगीताचार्य पण्डित देवकी नन्दन शर्मा, भजन गायक चन्दन महाराज एवं बबलू मुद्गल ने ठाकुर श्रीराधा-कृष्ण की महिमा से ओत-प्रोत भजनों का गायन कर सभी को भाव-विभोर कर दिया।
महोत्सव का समापन संत, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारे के साथ हुआ।जिसने सैकड़ों भक्तों-श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
रिपोर्ट नंदकिशोर शर्मा 151170853

