EPaper Join LogIn
एक बार क्लिक कर पोर्टल को Subscribe करें खबर पढ़े या अपलोड करें हर खबर पर इनकम पाये।

काफ़िर का ख़ून हमारे लिए हलाल, आतकियों ने पोस्ट की फोटो, ज्ञानवापी का सर्वे आदेश देने वाले जज को धमकी
  • 151170853 - NAND KISHOR SHARMA 54 65
    26 Jun 2026 18:51 PM



ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफी सर्वे के आदेश के बाद आतंकवादियों से मिली धमकियों और संवेदनशील परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुजफ्फरनगर फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अपने आवास पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की मांग की है। उन्होंने एसएसपी संजय कुमार वर्मा को एक पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा चिंताओं से अवगत कराया है।

 

माननीय न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने वाराणसी में अपनी तैनाती के दौरान शृंगार गौरी मामले की सुनवाई और ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफी सर्वे के आदेश के बाद आतंकवादियों से मिली धमकियों का उल्लेख किया है। संवेदनशील परिस्थितियों पर चिंता न्यायाधीश दिवाकर, जिन्होंने लगभग 80 दिनों में नौ लोगों को फांसी की सजा सुनाई है, ने चिंता व्यक्त की है कि वर्तमान परिस्थितियां उनकी बरेली में पिछली तैनाती से कहीं अधिक संवेदनशील हैं। 

 

उन्होंने कहा कि ऐसे में सुरक्षा में कटौती चिंता का विषय है। न्यायाधीश ने अपने पत्र में बताया कि उन्हें हाईकोर्ट के आदेश के बाद वर्ष 2022 से सुरक्षा प्राप्त है। सुरक्षा में कटौती का आरोप उन्होंने बताया कि बरेली में तैनाती के दौरान उन्हें दो निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) और सात दिनों तक, दो शिफ्टों में आवासीय गारद सुरक्षा प्रदान की गई थी। इसके विपरीत, मुजफ्फरनगर में 29 नवंबर, 2025 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्हें केवल दो पीएसओ ही मिले हैं, जो उनकी सुरक्षा के लिए अपर्याप्त हैं, उन्होंने अपने आवास पर 24 घंटे सुरक्षा मांगी हैं। वाराणसी की तैनाती का अनुभव न्यायाधीश दिवाकर ने वाराणसी में अपनी पिछली तैनाती का अनुभव भी साझा किया। 

 

जून 2022 में, उन्हें स्लामिक आगाज मूवमेंट नामक संगठन से एक धमकी भरा पत्र मिला था। इस पत्र में उन्हें काफिर बुतपरस्त हिंदू न्यायाधीश कहकर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। न्यायाधीश ने बताया कि उन्हें मिली दोनों धमकियों की भाषा एक जैसी है, जो उनकी चिंता को और बढ़ाती है।

आतंकवादियों ने न्यायाधीश की तस्वीर पोस्ट कर धमकी दी थी।

 

जांच में सामने आया कि आईएसआईएस से जुड़े दो आतंकवादियों को 25 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इन आतंकियों ने दिल्ली के बाजारों और उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर आत्मघाती हमले की साजिश रची थी। आतंकवादी मोहम्मद अदनान ने इंस्टाग्राम पर न्यायाधीश की तस्वीर पोस्ट करते हुए तस्वीर पर लाल रंग से काफिर लिखा और जान से मारने की धमकी दी थी। काफिर का खून हमारे लिए हलाल है,जो दीन के खिलाफ लड़ रहे हैं। आतंकी मोहम्मद अदनान ने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से ज्ञानवापी मस्जिद के मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश को यह कहते हुए धमकी दी थी कि काफिर का खून हमारे लिए हलाल हैं।

 

माननीय न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने पिछले 80 दिन में फांसी की सजा सुनाने का रिकॉर्ड बनाया है। तीन मामलों में अब तक नौ लोगों को फांसी की सजा सुना चुके हैं। एडवोकेट समीर सैफी, भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली निवासी शेखर, चरथावल के राजेश सिंह और उसके मासूम बेटे हिमांशु की हत्या के मामले में नौ दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।

रिपोर्ट नंदकिशोर शर्मा  151170853



Subscriber

188768

No. of Visitors

FastMail

वाराणसी - दिल्ली में खराब मौसम का असर, सुरक्षा कारणों से दो उड़ानें वाराणसी डायवर्ट     वाराणसी - पांच हजार करोड़ से काशी बनेगा सिटी इकोनॉमिक रीजन, कैंट से बाबतपुर तक होगा रोपवे का विस्तार     वाराणसी - काशी विश्वनाथ धाम से मुखनिर्मालिका गौरी और मां विशालाक्षी शक्तिपीठ को भेजा गया उपहार     वाराणसी - काशी विश्वनाथ मंदिर की पहली गंगा आरती छह बजे होगी शुरू, 45 मिनट चलेगी; ललिता घाट पर निहारेंगे लोग     चंदौली - गुब्बारे में हवा भरने वाले गैस सिलिंडर में हुआ ब्लास्ट, दो घायल     चंदौली - निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब गिरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल, सपा सांसद का धरना