आगरा। आगरा के सदर क्षेत्र की दो न सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले न में जेल भेजे गए 14 आरोपियों के खिलाफ अपर सत्र 5 न्यायाधीश ज्योत्सना सिंह ने अपहरण, धर्म परिवर्तन और आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने जैसे गंभीर आरोप तय कर दिए।
आरोपियों ने 5 आरोपों से इन्कार कर परीक्षण की में मांग की है। मामले में अब 7 जुलाई न से गवाही की प्रकिया शुरू होगी। र 24 मार्च 2025 को सदर क्षेत्र निवासी दो सगी बहनें घर से गायब हो गई थीं। बाद में पुलिस को दोनों को र कोलकाता ले जाकर धर्म परिवर्तन 5 करने की जानकारी मिली थी। इस पर कई टीम बनाई गई थीं। एक साथ तीन राज्यों में टीम ने कार्रवाई की थी।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने न मामले का संज्ञान लिया था। पुलिस में और एटीएस ने मिलकर अलग-अलग 6 राज्यों से दो युवतियों सहित 14 आरोपियों को हिरासत में लिया था। कोर्ट में पेश कर जेल भेजा था। जांच में पता चला कि धर्मांतरण कराने वाले इस नं गिरोह के तार अमेरिका, कनाडा सहित कई देशों तक फैले हुए हैं। आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े होने के साक्ष्य भी पुलिस को मिले थे। आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों में कम उम्र की लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर, लव जिहाद एवं अन्य तरीकों से प्रभावित कर धर्मांतरण का काम करते थे।
गिरोह के काम करने का तरीका आतंकी संगठन आईएसआईएस के सिग्नेचर स्टाइल में था। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल एक पीड़िता की तस्वीर भी सामने आई थी। वह धर्मातरण और एके-47 के साथ नजर आ रही है। इससे आईएसआईएस से जुड़े होने के संकेत मिले थे। पुलिस ने विवेचना के बाद 14 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था, इस पर संज्ञान हुआ। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने सगी बहनों का अपहरण किया था। इसके बाद उन्हें विवाह करने या अनुचित संबंध बनाने के लिए विवश करने का प्रयास किया।
आतंकी संगठन से जुड़ाव और आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य आरोप हुए तय अदालत ने अब्दुल रहमान, एसबी कृष्णा उर्फ आयशा, रिथ बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम, रहमान कुरैशी सहित कुल 14 आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आतंकवादी कार्य करने के उद्देश्य से एक संगठन चलाने, आतंकवादी संगठन के सदस्य, धर्म परिवर्तन कराने जैसे आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने, आपराधिक षड्यंत्र रचने, देश विरोधी गतिविधियां, भारत के खिलाफ अलगाववाद, सशस्त्र विद्रोह या विध्वंसक गतिविधियों को उकसाने का भी आरोप लगाया।
जो भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 के अंतर्गत आता है। सगी बहनों के अलावा और अन्य कई व्यक्तियों को दूसरे धर्म में परिवर्तित करने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगा है। यह कृ त्य उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5(1)/5(2) के तहत दंडनीय है। इन 14 आरोपियों पर आरोप हुए तय 1. एस बी कृष्णा उर्फ आयशा, 2 रिथ बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम 3. उशामा खान 4. शेखर रय उर्फ हसन अली 5. जुनैद कुरैशी 6. अबू तालिब 7. मोहम्मद रहमान कुरैशी 8. अब्दुर रहमान 9. मोहम्मद अली उर्फ पीयूष पवार 10. मनोज कनौजिया उर्फ मुस्तफा, 11. अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द्र पाल सिंह 12. जुनैद कुरैशी द्वितीय, 13. अब्दुल रहीम 14. अबदुल्ला।
रिपोर्ट नंदकिशोर शर्मा 151170853
