EPaper Join LogIn
एक बार क्लिक कर पोर्टल को Subscribe करें खबर पढ़े या अपलोड करें हर खबर पर इनकम पाये।

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा मोड़: तत्कालीन SDPO समेत 5 पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
  • 151019049 - VISHAL RAWAT 45 65
    24 Jun 2026 20:00 PM



एनकाउंटर पर उठे सवाल: 5 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर, जांच पर टिकीं निगाहें

पूर्व विधायक धीरज ओझा ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग, एनकाउंटर मामले में 5 पुलिसकर्मियों पर केस

फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण में एक महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है। परिजनों की शिकायत पर तत्कालीन एसडीपीओ, शाहपुर थाना प्रभारी राजेश मालाकार सहित कुल पांच पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की सूचना के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। संबंधित पुलिसकर्मियों के निलंबन की भी चर्चा तेज है, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में व्यापक जनचर्चा शुरू हो गई है। मामले में हुई इस कार्रवाई को लेकर पूर्व विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। यदि किसी नागरिक के साथ अन्याय हुआ है तो उसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होना आवश्यक है। धीरज ओझा ने कहा कि भरत भूषण तिवारी के परिजन लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे थे। अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को बिना किसी राजनीतिक, प्रशासनिक या अन्य दबाव के केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच करनी चाहिए ताकि वास्तविक सच्चाई सामने आ सके। पूर्व विधायक ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति या एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय, जवाबदेही और कानून के शासन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। यदि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी होती है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होती है, तो इससे जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में अधिकारों का दुरुपयोग स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, चाहे उसका पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। यही लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था की मूल भावना है। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना के बाद क्षेत्रीय जनता और सामाजिक संगठनों की भी नजरें जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। लोगों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा। परिजनों ने भी जांच एजेंसियों से मामले की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे परिवार को अब उम्मीद है कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष होगी और सच्चाई सामने आएगी। पूर्व विधायक धीरज ओझा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका कहना है कि यदि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होगी तो इससे न्याय प्रक्रिया में जनता का विश्वास और मजबूत होगा तथा भविष्य में ऐसे मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी। फिलहाल पूरे मामले में सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। जनता और परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि सत्य तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे न्याय की स्थापना हो सके। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049



Subscriber

188766

No. of Visitors

FastMail

वाराणसी - दिल्ली में खराब मौसम का असर, सुरक्षा कारणों से दो उड़ानें वाराणसी डायवर्ट     वाराणसी - पांच हजार करोड़ से काशी बनेगा सिटी इकोनॉमिक रीजन, कैंट से बाबतपुर तक होगा रोपवे का विस्तार     वाराणसी - काशी विश्वनाथ धाम से मुखनिर्मालिका गौरी और मां विशालाक्षी शक्तिपीठ को भेजा गया उपहार     वाराणसी - काशी विश्वनाथ मंदिर की पहली गंगा आरती छह बजे होगी शुरू, 45 मिनट चलेगी; ललिता घाट पर निहारेंगे लोग     चंदौली - गुब्बारे में हवा भरने वाले गैस सिलिंडर में हुआ ब्लास्ट, दो घायल     चंदौली - निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब गिरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल, सपा सांसद का धरना