राज्य महिला आयोग की पहल: जिला कारागार में स्वास्थ्य शिविर, नेत्र जांच के साथ मिलेगा निःशुल्क चश्मा
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से जिला कारागार प्रतापगढ़ में 25 जून को एक विशेष निःशुल्क नेत्र एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में बंदियों की आंखों की जांच, ब्लड टेस्ट तथा आवश्यकतानुसार निःशुल्क चश्मों का वितरण किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा के निर्देश पर किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिविर का आयोजन 25 जून 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे जिला कारागार परिसर में किया जाएगा। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बंदियों के स्वास्थ्य का परीक्षण करेगी। विशेष रूप से नेत्र रोगों की जांच कर दृष्टिदोष से पीड़ित बंदियों को मौके पर ही निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही ब्लड जांच के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया जाएगा। कारागार में निरुद्ध बंदियों को अक्सर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता होती है। ऐसे में यह शिविर न केवल उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करेगा, बल्कि समय रहते उपचार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आंखों की कमजोरी, एनीमिया, मधुमेह तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का प्रारंभिक स्तर पर पता लगने से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा द्वारा बंदियों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए इस पहल को विशेष महत्व दिया गया है। उनका मानना है कि कारागार में निरुद्ध व्यक्तियों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ इस विशेष शिविर का आयोजन कराया जा रहा है ताकि बंदियों को स्वास्थ्य लाभ मिल सके। कारागार प्रशासन ने शिविर की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। चिकित्सकों की टीम, जांच उपकरण एवं आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है ताकि प्रत्येक बंदी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। शिविर के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी जानकारी भी दी जाएगी, जिससे बंदी अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग हो सकें। राज्य महिला आयोग सदस्य के व्यक्तिगत सहायक विनय कुमार शुक्ला ने बताया कि शिविर का उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद बंदियों को तत्काल राहत और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि आयोग समय-समय पर ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास करता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कारागारों में इस प्रकार के चिकित्सा शिविर बंदियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और विभिन्न रोगों से बचाव के प्रति जागरूकता प्राप्त होती है। जिला कारागार में आयोजित होने वाला यह निःशुल्क नेत्र एवं स्वास्थ्य जांच शिविर केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि समाज के हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने का अधिकार है। बंदियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में यह पहल निश्चित रूप से सराहनीय और प्रेरणादायी मानी जा रही है। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
