फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। आम लोगों की मेहनत की कमाई पर नजर गड़ाए एटीएम फ्रॉड गिरोह के खिलाफ प्रतापगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली देहात पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर एटीएम कार्ड बदलने और खातों से अवैध रूप से धनराशि निकालने का संगठित अपराध करता था। आरोपी के कब्जे से तीन एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं, जबकि उसके दो साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली देहात पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता मिली। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार एवं क्षेत्राधिकारी नगर प्रशान्त राज के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी पुष्पराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और अपराधियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एटीएम फ्रॉड के एक मुकदमे में वांछित अभियुक्त अपने साथियों के साथ पीवी इंटर कॉलेज मोड़ के पास मौजूद है और किसी नए शिकार की तलाश में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही ब्रेजा कार में सवार दो आरोपी वाहन लेकर फरार हो गए, जबकि पुलिस ने दिलशाद उर्फ शाहरूख को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो खुलासे किए, उन्होंने पुलिस को भी चौंका दिया। उसने बताया कि गिरोह के सदस्य एटीएम केंद्रों पर पहुंचकर विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। पहले वे मदद के बहाने उनसे बातचीत करते थे, फिर चालाकी से उनका एटीएम कार्ड बदल देते थे। इसी दौरान पिन नंबर भी देख लेते थे। बाद में उसी कार्ड का उपयोग कर खाते से बड़ी रकम निकाल ली जाती थी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले कई महीनों से अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न जिलों में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। प्रतापगढ़ में भी उसने जून माह में कई लोगों को अपना शिकार बनाया। गिरोह का नेटवर्क केवल प्रतापगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में इसके सदस्य सक्रिय हैं। गिरफ्तार आरोपी की तलाशी में तीन अलग-अलग व्यक्तियों के एटीएम कार्ड बरामद हुए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन कार्ड धारकों के खातों से कितनी धनराशि निकाली गई और इस गिरोह में कुल कितने लोग शामिल हैं। साथ ही बरामद कार्डों और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण भी कराया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी लंबा है। उसके खिलाफ अयोध्या, लखनऊ और अन्य जिलों में धोखाधड़ी, एटीएम फ्रॉड तथा संगठित अपराध से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि वह कोई सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि पेशेवर साइबर एवं बैंकिंग ठग है, जो लंबे समय से लोगों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इसके लिए सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किए जाने की संभावना है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम से पैसे निकालते समय किसी अजनबी की सहायता न लें, अपना पिन नंबर किसी को न बताएं और कार्ड बदलने जैसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत सतर्क हो जाएं। यदि एटीएम में कोई व्यक्ति अनावश्यक मदद करने का प्रयास करे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। प्रतापगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित है, बल्कि यह संगठित बैंकिंग अपराधों के खिलाफ चल रही बड़ी मुहिम का हिस्सा है। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से एटीएम फ्रॉड गिरोह के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में कई अन्य खुलासे होने की संभावना है। एटीएम पर कुछ मिनट की लापरवाही आपकी जीवनभर की कमाई पर भारी पड़ सकती है, इसलिए सतर्क रहें और सुरक्षित रहें। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
