फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते एक नाबालिग किशोरी की जबरन कराई जा रही शादी को समय रहते रुकवा दिया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है, क्योंकि इससे एक मासूम बेटी का बचपन, शिक्षा और भविष्य सुरक्षित हो सका। प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 जून 2026 को थाना कोतवाली नगर पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि ग्राम किना का पुरवा (जोगापुर) में एक नाबालिग किशोरी का विवाह उसकी इच्छा और सहमति के विरुद्ध कराया जा रहा है। सूचना में बताया गया कि विवाह की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही शादी संपन्न कराई जाने वाली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम खमपुर खभौर निवासी हरेन्द्र वर्मा ने अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ मिलकर इस विवाह की योजना बनाई थी। किशोरी का विवाह मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जनपद के बाबू टोला निवासी 38 वर्षीय कन्हैया नामक व्यक्ति से कराया जा रहा था। पुलिस के अनुसार विवाह के लिए लड़की की उम्र निर्धारित कानूनी सीमा से कम थी, जिसके कारण यह पूरी प्रक्रिया बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम का उल्लंघन थी। साथ ही यह एक नाबालिग बच्ची के मौलिक अधिकारों और उसके भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ भी था। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर प्रशान्त राज के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली नगर सुभाष कुमार यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में उपनिरीक्षक अमित सिंह, कांस्टेबल नागेंद्र खरवार तथा कांस्टेबल विलास यादव शामिल थे। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और विवाह की प्रक्रिया को तत्काल रुकवा दिया। कार्रवाई के दौरान नाबालिग किशोरी को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया तथा मौके से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सिवनी (मध्य प्रदेश) निवासी सत्यम पुत्र कुबेर, छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) निवासी भोनी पुत्र दौलत सनोडिया तथा प्रतापगढ़ निवासी हरेन्द्र पुत्र रामकिशुन शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में थाना कोतवाली नगर में मु0अ0सं0 368/2026 के तहत बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 11 में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है। वहीं पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य व्यक्तियों की भी पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह भारतीय समाज की उन कुरीतियों में से एक है जो आज भी कई क्षेत्रों में बच्चों के भविष्य को प्रभावित कर रही है। कम उम्र में विवाह होने से बच्चों की शिक्षा बाधित होती है, स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं और उनका मानसिक एवं सामाजिक विकास भी प्रभावित होता है। सरकार और न्यायालयों द्वारा समय-समय पर बाल विवाह रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं, लेकिन जागरूकता की कमी और सामाजिक दबाव के कारण ऐसी घटनाएं अब भी सामने आती रहती हैं। कोतवाली नगर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल कानून के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करें तो बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। पुलिस की तत्परता से एक नाबालिग बच्ची को ऐसे विवाह से बचाया जा सका, जो उसके जीवन की दिशा बदल सकता था। प्रतापगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने में सहयोग करें। यदि किसी क्षेत्र में नाबालिग लड़के या लड़की के विवाह की सूचना मिले अथवा बाल शोषण से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम 112 या नजदीकी थाने को सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। प्रतापगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और बच्चों के अधिकारों तथा उनके सुरक्षित भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
