खेरागढ़। खेरागढ़ कस्बा स्थित तहसील कार्यालय -प्रांगण में रजिस्ट्री को ई-रजिस्ट्रीकरण व्यवस्था बदलने रजिस्ट्री के लिए विभाग द्वारा अधिकृत सेंटर प्राइवेट कर्मचारियों/ अधिकृत एजेंसियों /फर्मों को दिए जाने के अधिवक्तागण भारी विरोध देखने को मिल रहा है बार एसोसिएशन खेरागढ़ के अधिवक्ताओं की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा विरोध स्वरूप मंत्री का पुतला फूंककर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 19 जून 2026 से बार एसोसिएशन खेरागढ़ ई-रजिस्ट्रीकरण नीति का लगातार विरोध कर रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह व्यवस्था उनके कार्यक्षेत्र और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। अधिवक्ताओं ने इस नीति को "काला कानून" बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। अधिवक्ताओं ने एक नारी पर अत्यधिक जोर दिया हमसे जो टकराएगा चूर चूर हो जाएगा । अधिवक्ताओं ने बताया कि सबसे ज्यादा हानि स्टांप वेंडर, दस्तावेज लेखक, अधिवक्तागढ़ सीधा नुकसान हुआ है
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिओम सिंह सिकरवार एवं कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार के नेतृत्व में अधिवक्ता तहसील प्रांगण में एकत्र हुए और सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि उनका विरोध प्रदर्शन और हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी। उन्होंने सरकार से ई-रजिस्ट्रीकरण व्यवस्था पर पुनर्विचार कर अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा करने की मांग की। तहसील परिसर में चल रहे इस आंदोलन के कारण रजिस्ट्री एवं अन्य संबंधित कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। पुतला दहन करने एवं नारेबाजी करने में तमाम वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल रहे जोगेंद्र परमार, रानू परमार, लाखन सिंह बघेल,भरत, हरिशंकर मुदगल, कोमल सिंह, के. के कुशवाहा, इंद्रजीत सिंह सिकरवार, विक्रम सिंह, भूरी सिंह राजपूत, दीवान सिंह, रविंदर, अरविंद, कन्हैया, मनोज तोमर तमाम अधिवक्तागढ़ उपस्थित रहे अधिवक्ता सहायक सोरन सिंह बघेल, गौरव बघेल, सुलेमान अब्बासी आदि लोग उपस्थित रहे। रिपोट - शाहरुख़ बेग 151188410
