- पचोखरा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष योग सत्र का आयोजन
- योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि समग्र जीवनशैली है: सरपंच सरला दिनेश फौजी
- विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
- योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का लिया संकल्प
- प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से योग को मिली वैश्विक पहचान
- ग्राम पंचायत पचोखरा में योग दिवस पर स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश
रौन, भिण्ड (मध्य प्रदेश)। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनपद पंचायत रौन की ग्राम पंचायत पचोखरा में विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंचायत सचिव हरी सिंह कुशवाह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरपंच श्रीमती सरला दिनेश फौजी ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक समग्र जीवनशैली है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को योग के रूप में एक अमूल्य धरोहर प्रदान की है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी, जिसके बाद योग एक वैश्विक जनआंदोलन बन गया है। आज योग सीमाओं, संस्कृतियों और भाषाओं की बाधाओं को पार कर पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और शांति का संदेश दे रहा है।
सरपंच श्रीमती सरला दिनेश फौजी ने सभी उपस्थित लोगों से योग को केवल एक दिवस के आयोजन तक सीमित न रखने, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को नियमित योग करना चाहिए, जिससे स्वस्थ, सकारात्मक और ऊर्जावान जीवन का निर्माण हो सके।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने तथा योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। देखे ललित कुमार की रिपोट