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नकली चाय की पत्ती में मिले रसायन-रंग, डॉक्टर बोले - लीवर-किडनी पर पड़ेगा असर, खरीदते समय रहें सावधान
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    21 Jun 2026 14:06 PM



कैंट थाना क्षेत्र के एक गोदाम में शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नामी कंपनियों के ब्रांड के नाम पर बेची जा रही घटिया चायपत्ती, मसाले और अन्य खाने वाले सामानों की खेप पकड़ी गई। विभाग ने करीब पांच क्विंटल खाद्य सामग्री सील कर जांच के लिए पांच नमूने संग्रहित किए। कार्रवाई ताजा ब्रांड चायपत्ती के प्रतिनिधि की शिकायत पर की गई।


शिकायत में आरोप लगाया गया था कि, ताजा ब्रांड की पैकिंग में घटिया गुणवत्ता की चायपत्ती बाजार में बेची जा रही है। जांच के दौरान गोदाम से ब्रुक बॉन्ड और ताजा ब्रांड के नाम पर पैक 426 किलोग्राम चायपत्ती बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 1.06 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
 इसके अलावा, एवरेस्ट और राजेश मसाला ब्रांड के नाम से 64 किलोग्राम मिश्रित मसाले और कैडबरी जेम्स ब्रांड के नाम पर पैक सामग्री भी बरामद हुई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने एवरेस्ट मिक्स मसाला, राजेश मसाला, कैडबरी जेम्स और ब्रुक बॉन्ड और ताज़ा कंपनी के नाम पर बेची जा रही चायपत्ती के नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
 बिहार और दिल्ली से बनकर आते हैं नकली रैपर
गोदाम में मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम अभिषेक गुप्ता निवासी रहमतनगर बताया। उसने दावा किया कि वह महराजगंज से सामान खरीदकर बेचता है लेकिन विभाग को उसके बयान पर संदेह है। अब संबंधित कंपनियों को नोटिस भेजकर यह सत्यापित किया जाएगा कि बरामद सामान अधिकृत रूप से भेजा गया था या फिर नकली पैकिंग का इस्तेमाल किया गया है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, दिल्ली और बिहार में बड़े पैमाने पर नकली रैपर तैयार किए जाते हैं, जिन्हें देखकर असली और नकली उत्पाद में अंतर कर पाना आम उपभोक्ता के लिए मुश्किल होता है। ताजा चाय ब्रांड की नकल करने के मामले में कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए कैंट थाने को तहरीर भी दे दी गई है।
 बोले डॉक्टर
नकली चाय पत्ती में रंग, रसायन और निम्न गुणवत्ता के पदार्थ मिलाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद हानिकारक हो सकते हैं। इसके लगातार सेवन से पेट संबंधी समस्याएं, लीवर और किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कुछ मामलों में एलर्जी, सिरदर्द, उल्टी और पाचन तंत्र की गड़बड़ी भी हो सकती है। लोगों को केवल प्रमाणित और विश्वसनीय ब्रांड की चाय पत्ती का ही उपयोग करना चाहिए:- डॉ. बीके सुमन, जिला अस्पताल रिपोर्ट फूलमती मौर्य 151188511



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