नोएडा। ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में चल रहे आंदोलन के क्रम में आज नोएडा बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविन्द्र जायसवाल की मन एवं बुद्धि की शुद्धि के लिए विशेष हवन एवं पूजा-अर्चना का आयोजन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने ईश्वर से प्रार्थना की कि मंत्री को सद्बुद्धि प्राप्त हो तथा वे अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की आजीविका, अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए सकारात्मक एवं न्यायसंगत निर्णय लें।
हवन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था से हजारों अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इस व्यवस्था के कारण पारंपरिक रूप से पंजीयन कार्य से जुड़े लोगों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो सकता है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि वे तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसी किसी भी व्यवस्था को लागू करने से पहले उससे प्रभावित होने वाले सभी पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित करे।
कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने हवन में आहुति देकर प्रदेश सरकार एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जाएगा।
नोएडा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों के अधिकारों, सम्मान और रोजगार की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने सरकार से संवाद स्थापित कर समस्या का समाधान निकालने की अपील की, ताकि न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी वर्गों के हित सुरक्षित रह सकें। देखे मोहित गुप्ता की रिपोट
