- मित्रोली के श्री शीतलेश्वर शिव धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
- शीतलेश्वर महाराज के दरबार में समस्याओं के समाधान की आस लेकर पहुंच रहे लोग
- पांच दीपक, 11 परिक्रमा और 21 पेशी: चर्चा में श्री शीतलेश्वर शिव धाम
- आस्था, विश्वास या अंधविश्वास? बदायूं के इस धाम को लेकर बढ़ी चर्चा
- विशेष नियमों के पालन से राहत मिलने का दावा, श्रद्धालुओं की बढ़ी आस्था
- बदायूं के श्री शीतलेश्वर शिव धाम में दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु
फास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी बदायूं।आज हम आपको लिए चलते हैं मित्रोली स्थित श्री शीतलेश्वर शिव धाम, जहां शीतलेश्वर महाराज उर्फ पवन पाठक के दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं और बीमारियों के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं। कहा जा रहा है कि यहां कुछ विशेष नियमों का पालन करने से लोगों को लाभ मिल रहा है। लेकिन सवाल यह है कि यह आस्था है, विश्वास है या फिर अंधविश्वास? आइए जानते हैं पूरी
रिपोर्ट:
मित्रोली स्थित श्री शीतलेश्वर शिव धाम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को कुछ विशेष नियम बताए जाते हैं। इनमें पांच दीपक जलाना, 11 सीधी परिक्रमा करना, 21 बार विशेष प्रार्थना या पेशी देना शामिल है।
इसके अलावा श्रद्धालुओं को लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा के सेवन से दूर रहने की सलाह दी जाती है। दरबार में सादगीपूर्ण वस्त्र पहनकर आने को कहा जाता है और फैंसी कपड़े पहनकर आने की मनाही बताई जाती है। साथ ही श्रद्धालुओं को महाराज के पैर न छूने की बात भी कही जाती है।
श्रद्धालुओं का दावा है कि इन नियमों का पालन करने से उन्हें मानसिक शांति, आत्मविश्वास और जीवन की विभिन्न समस्याओं में राहत मिली है। कई लोग इसे अपनी आस्था और विश्वास का परिणाम मानते हैं।
फिलहाल श्री शीतलेश्वर शिव धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। लोग अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां पहुंच रहे हैं। देखे बदायूं से शिव ओम की रिपोट 151082090
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