कानून महिलाओं के साथ, डरने की जरूरत नहीं : प्रतिभा कुशवाहा
42 महिलाओं ने रखी अपनी पीड़ा, महिला आयोग ने अधिकारियों से मांगा जवाब
महिला उत्पीड़न मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : प्रतिभा कुशवाहा
यूपी प्रतापगढ़। महिलाओं को न्याय दिलाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने विकास खंड गौरा में आयोजित जनसुनवाई एवं चौपाल कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं, जिस पर आयोग की सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मामलों, मानसिक उत्पीड़न, पेंशन और आवास योजनाओं से जुड़ी शिकायतों सहित कुल 42 प्रकरण सामने आए। प्रतिभा कुशवाहा ने एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए तथा पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए लगातार कार्य कर रही है। महिला आयोग भी यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी पीड़ित महिला को न्याय पाने के लिए भटकना न पड़े। जनसुनवाई एवं चौपाल कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के साथ अन्याय या उत्पीड़न की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। चौपाल के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया और योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही गर्भवती महिलाओं की गोदभराई एवं बच्चों के अन्नप्राशन कार्यक्रम में शामिल होकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। देखें प्रतापगढ़ से विशाल रावत की ख़ास रिपोर्ट

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