फ़ास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। अंतू थाना क्षेत्र के बुडैला गांव में हैंडपंप के विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष के बाद पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाते हुए अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहा है। परिवार का आरोप है कि घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन उनकी शिकायत पर न तो समय से कार्रवाई की गई और न ही उन्हें न्याय मिल पा रहा है। पीड़िता पूनम पत्नी पंकज कुमार ने बताया कि 11 जून की सुबह करीब सात बजे वह अपने घर पर घरेलू कार्य कर रही थी। इसी दौरान पड़ोसी पक्ष के कई लोग कुल्हाड़ी, कुदाल और लाठी-डंडों से लैस होकर उनकी चचेरी जेठानी सुनीता के घर पहुंच गए और विवाद शुरू कर दिया। शोर-शराबा और चीख-पुकार सुनकर जब परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे तो उन पर भी हमला कर दिया गया। पीड़िता के अनुसार हमले में बनवारी लाल के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। बीच-बचाव करने पहुंचे पंकज कुमार, रेखा, चमेला सहित अन्य लोगों को भी बेरहमी से पीटा गया। घटना में कई लोग घायल हुए, जिनमें से बनवारी लाल, रेखा और चमेला की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद अंतू थाने पहुंचकर शिकायत की गई, लेकिन उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इतना ही नहीं, घायलों का तत्काल मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया गया। परिवार का कहना है कि न्याय मिलने के बजाय उनके ही कई परिजनों को थाने में बैठा लिया गया और पांच लोगों को जेल भेज दिया गया। घटना के बाद से पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। परिजनों का कहना है कि हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि घायल पक्ष न्याय की आस में अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है। परिवार ने पुलिस प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा निर्दोष लोगों को राहत दिलाने की मांग की है।अब यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिवार का कानून और व्यवस्था से विश्वास उठ सकता है। वहीं पीड़ित पक्ष को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी फरियाद सुनेगा और उन्हें न्याय मिलेगा। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
