फास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी बुलंदशहर। जहांगीराबाद शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के बाद एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर दर्ज और निस्तारित शिकायतों की दोबारा जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शासन ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पूर्व में निस्तारित किए गए मामलों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतों का समाधान वास्तविक रूप से हुआ है या नहीं।
सूत्रों के अनुसार कई मामलों में शिकायतों का निस्तारण पोर्टल पर तो दर्ज कर दिया गया, लेकिन शिकायतकर्ताओं की समस्याएं ज्यों की त्यों बनी रहीं। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने संबंधित विभागों से पुनः सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर मौके की स्थिति का आकलन करने और रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पुनः जांच के दौरान यदि किसी मामले में लापरवाही, गलत आख्या अथवा बिना समाधान के निस्तारण दर्ज किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच पूरी कर निर्धारित समयावधि में अपनी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं। इससे शिकायतकर्ताओं को वास्तविक राहत मिलने के साथ ही जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
इंसेट : जिलाधिकारी को उपलब्ध कराया गया एआई टूल
शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता परखने के लिए प्रशासन को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया गया है। इसके माध्यम से शिकायतों के निस्तारण, विभागीय आख्या और मौके की स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि नई तकनीक के उपयोग से शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा गलत रिपोर्टिंग पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। साथ ही अभियान के दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों और उनकी प्रगति की निगरानी भी अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगी। रिपोर्ट - सुनील कुमार 151044 750
