अस्पताल या तालाब? बिना बारिश मेडिकल कॉलेज परिसर में फैला गंदा पानी
गटर के पानी और दुर्गंध के बीच स्वास्थ्य सेवाएं, मरीजों ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जनपद के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अस्पताल में इन दिनों मरीजों को इलाज से पहले अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में बिना बारिश के ही कई स्थानों पर गंदे पानी का जलभराव होने से स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर इमरजेंसी, मरीजों के प्रतीक्षालय और ब्लड जांच केंद्रों तक फैले जलभराव ने मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल आने वाले लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल के मुख्य गेट के सामने जमा गंदा पानी उनका स्वागत कर रहा है। अस्पताल में प्रवेश करने के लिए लोगों को मजबूरन पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें अस्पताल तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। अस्पताल की इमरजेंसी के बगल में कुछ दिन पहले मरीजों और उनके परिजनों के बैठने के लिए बनाई गई व्यवस्था भी जलभराव की चपेट में आ गई है। जहां मरीजों को राहत मिलनी चाहिए थी, वहां गंदा पानी जमा होने से लोग बैठने के बजाय खड़े रहने को मजबूर हैं। कई मरीज और उनके परिजन घंटों तक परेशान होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। स्थिति और गंभीर तब नजर आती है जब अस्पताल के ब्लड जांच एवं पैथोलॉजी विभाग के आसपास भी जलभराव दिखाई देता है। मरीजों का कहना है कि जांच केंद्रों तक पहुंचने वाले रास्तों पर गटर का पानी भर गया है। बदबू इतनी अधिक है कि वहां कुछ देर खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा है। मरीजों और तीमारदारों को मजबूरी में उसी वातावरण में बैठकर अपनी जांच और रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पताल परिसर की जलनिकासी व्यवस्था लंबे समय से बदहाल है। नालियों की नियमित सफाई न होने और निकासी व्यवस्था सुचारु न होने के कारण गंदा पानी जमा हो रहा है। चिंता की बात यह है कि यह स्थिति तब है जब अभी मानसून ने पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो बरसात के दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर गंदे पानी का जमाव संक्रमण फैलने का कारण बन सकता है। जहां पहले से बीमार मरीज इलाज के लिए आते हैं, वहां जलभराव और गंदगी स्वास्थ्य के लिए अतिरिक्त खतरा पैदा कर सकती है। मच्छरों के पनपने और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है। मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन तथा मेडिकल कॉलेज प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर अस्पताल परिसर से जलभराव समाप्त कराने, नालियों की सफाई कराने और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यदि मरीजों को गटर के पानी और दुर्गंध के बीच इलाज कराना पड़े तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता है। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
