फास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी बुलंदशहर। जहांगीराबाद गुजरात सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एवं पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति की खबर मिलते ही गांव चरौरा सहित पूरे बुलंदशहर जनपद में खुशी की लहर दौड़ गई। चरौरा निवासी पूर्व प्रधानाचार्य एवं पीसीडीएफ के पूर्व जिला अध्यक्ष चंद किरण सिंह के दामाद होने के कारण क्षेत्र के लोग इस उपलब्धि को अपना सम्मान मान रहे हैं।
वर्ष 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक इससे पहले अहमदाबाद पुलिस आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने प्रशासनिक दक्षता, ईमानदारी और उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। इसी अनुभव और कार्यशैली के आधार पर उन्हें गुजरात पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ज्ञानेंद्र सिंह मलिक का विवाह 2 दिसंबर 1993 को गांव चरौरा निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य चंद किरण सिंह की पुत्री सविता के साथ हुआ था। चंद किरण सिंह शिक्षा और सहकारिता क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं तथा पीसीडीएफ के जिला अध्यक्ष का दायित्व भी संभाल चुके हैं। जिले में उनकी पहचान एक शिक्षाविद और समाजसेवी के रूप में रही है।
ज्ञानेंद्र सिंह मलिक का परिवार भी शिक्षा जगत से गहराई से जुड़ा रहा है। उनके पिता चतर सिंह मलिक हरियाणा के तिगांव क्षेत्र में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता रहे और बाद में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए। इस प्रकार नए डीजीपी के पिता और ससुर दोनों ही शिक्षा क्षेत्र के प्रतिष्ठित प्रधानाचार्य रहे हैं, जिससे परिवार की शैक्षिक और सामाजिक पृष्ठभूमि का भी पता चलता है।
मूल रूप से जेवर क्षेत्र के भट्टा पारसौल गांव निवासी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक की इस उपलब्धि पर चरौरा गांव में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। क्षेत्र के गणमान्य लोगों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति से न केवल परिवार बल्कि चरौरा गांव, जेवर क्षेत्र और पूरे बुलंदशहर जनपद का गौरव बढ़ा है।
ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में गुजरात पुलिस और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी कार्यशैली के साथ आगे बढ़ेगी। साथ ही युवाओं को भी उनकी सफलता से प्रेरणा मिलेगी। गांव चरौरा में दिनभर लोगों के बीच उनकी नियुक्ति की चर्चा रही और शुभचिंतकों ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। लोगों का कहना है कि गांव से जुड़ा परिवार देश के सर्वोच्च प्रशासनिक और पुलिस पदों तक पहुंचकर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन रहा है। रिपोर्ट - सुनील कुमार 151044 750
