मुहम्मदाबाद गोहाना (मऊ)। मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन के बढ़ते उपयोग के कारण आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। समय पर जांच और उचित देखभाल से आंखों की अधिकांश बीमारियों को गंभीर होने से पहले रोका जा सकता है। यह बातें मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा के प्रेमा नेत्रालय के मशहूर चिकित्सक नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार मद्धेशिया ने कहीं।
उन्होंने बताया कि लगातार मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर काम करने से आंखों में जलन, खुजली, सूखापन, सिरदर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच कराने से समस्या का सही कारण पता चल जाता है और उपचार आसान हो जाता है।
डॉ. मद्धेशिया ने कहा कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों को विशेष रूप से नियमित नेत्र परीक्षण कराना चाहिए। इन बीमारियों का प्रभाव आंखों की रेटिना पर पड़ सकता है, जिससे दृष्टि कमजोर होने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि मोतियाबिंद, काला मोतिया और रेटिना संबंधी रोगों का समय पर पता चलने पर सफल उपचार संभव है।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की आंखों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की। यदि बच्चा पढ़ाई के दौरान किताब को बहुत पास लाकर पढ़ता है, टीवी के करीब बैठता है या बार-बार आंखें मलता है, तो उसे नेत्र विशेषज्ञ को अवश्य दिखाना चाहिए। बच्चों में समय पर दृष्टि दोष का पता चलने से उनकी पढ़ाई और मानसिक विकास पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को रोका जा सकता है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ ने कहा कि तेज धूप में बाहर निकलते समय गुणवत्तापूर्ण चश्मे का प्रयोग करना चाहिए तथा आंखों को धूल और प्रदूषण से बचाना चाहिए। साथ ही हरी सब्जियां, गाजर, मौसमी फल और पौष्टिक आहार आंखों की सेहत के लिए लाभकारी होते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि आंखों की रोशनी अनमोल है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लें और नियमित नेत्र परीक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। रिपोट - अजय कुमार 151170379
