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गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए जनजागरण का आह्वान
  • 151188410 - SHAHARUKHA BEG 54 65
    07 Jun 2026 19:20 PM



खेरागढ़ 7 जून 2026 दिन रविवार रविवार को तहसील प्रांगण के सामने ग्राउंड  की पावन भूमि उस समय आध्यात्मिक ऊर्जा और जनजागरण की भावना से ओत-प्रोत हो उठी, जब जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का भव्य आगमन हुआ। उनके दर्शन एवं अमृतमयी वाणी का श्रवण करने के लिए दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु, धर्मप्रेमी और ग्रामीणजन एकत्रित हुए। पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और सनातन चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में शंकराचार्य जी महाराज ने गौमाता के महत्व को केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय दृष्टिकोण से भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय सभ्यता की आत्मा है, गांवों की अर्थव्यवस्था का आधार है और सनातन संस्कृति की जीवंत पहचान है। जिस राष्ट्र ने सदियों तक गौमाता को सम्मान दिया, वही राष्ट्र विश्व में आध्यात्मिक नेतृत्व करता रहा है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने के लिए पूरे देश में जनजागरण आवश्यक है। इसी उद्देश्य से वे गांव-गांव, नगर-नगर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में गौसंरक्षण और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जनभावनाओं को लोकतांत्रिक तरीके से शासन और नीति-निर्माताओं तक पहुंचाया जा सके।

शंकराचार्य जी ने कहा कि गौसेवा केवल एक धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का माध्यम है। जब तक समाज स्वयं आगे बढ़कर गौवंश की रक्षा का संकल्प नहीं लेगा, तब तक केवल कानूनों के सहारे अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं किए जा सकते। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे गौसंरक्षण को सामाजिक अभियान बनाएं और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति उत्तरदायित्व निभाएं।

उनके उद्बोधन के दौरान बार-बार गौमाता, सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के जयघोष गूंजते रहे। उपस्थित जनसमूह ने भी गौसंरक्षण और सामाजिक जागरूकता के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

खेरागढ़ में शंकराचार्य जी महाराज का यह आगमन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने, सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने और गौकल्याण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गया। उनकी वाणी ने उपस्थित लोगों के हृदय में सेवा, संस्कार और समाजहित का ऐसा दीप प्रज्वलित किया, जिसकी रोशनी लंबे समय तक क्षेत्र में अनुभव की जाएगी। रिपोट - शाहरुख़ बेग  151188410



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