फ़ास्ट न्यूज इंडिया यूपी बुलंदशहर। नरौरा जहां एक तरफ केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने का कार्य कर रही हैं वहीं इससे संबंधित अधिकारी इन सभी योजनाओं को भ्रष्टाचार के लपेटे में लेकर पलीता लगा रहे हैं। एक ऐसा ही मामला सामने आया है नरौरा एनएपीपी कॉलोनी में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में संविदा कर्मचारी शशांक मित्तल का। बैंक कर्मचारी शशांक मित्तल ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगने वाले सोलर पैनल में बैंक से लोन की फाइल पास करने के नाम पर बैंक मैनेजर विनय कुमार का नाम लेकर दस हजार रुपए की रिश्वत ली।
ग्राम चौडेरा निवासी लाखन सिंह ने बताया कि वह अपने घर पर पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट लगवा रहे थे उसी की सर्वे करने बैंक मैनेजर विनय कुमार और संविदा कर्मचारी शशांक मित्तल उनके घर पर सर्वे करने गए। लोन की फाइल पास करने के लिए शशांक मित्तल ने मैनेजर विनय कुमार का नाम लेकर लाखन सिंह से 10000 रू की रिश्वत ली।
वही इस संबंध में जब हमारे संवाददाता ने बैंक मैनेजर और संविदा कर्मचारी शशांक मित्तल से जानकारी मांगी तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
अब सवाल यह उठता है कि सरकार चाहे कितने भी कोशिश कर ले लेकिन जब तक ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी विभाग में रहेंगे तब तक भ्रष्टाचार खत्म नहीं हो सकता सरकार की हर छोटी से छोटी योजना को अंतिम लाभार्थी तक पहुंचने में लाभार्थी को कहीं ना कहीं रिश्वत देनी ही पड़ती है अगर पता चल जाए तो उसकी जानकारी सार्वजनिक होती है नहीं तो लाभार्थी चुपचाप पैसे देकर अपना काम करा लेते हैं। रिपोर्ट - सुनील कुमार 151044750
