अधिवक्ता अजयसिंह गौतम के गीतों की संगीतबद्ध प्रस्तुति
डॉ. रामसखा गौतम सभागार में भव्य आयोजन संपन्न
- उज्जैन में गूंजे ‘तेरी मेरी बात’ के सुर, कवि अजयसिंह गौतम की रचनाओं की संगीतमय प्रस्तुति
- कविता, गीत और ग़ज़लों की शाम: उज्जैन में साहित्य प्रेमियों ने लिया सुर-सुधा का आनंद
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- उज्जैन में साहित्य और संगीत का संगम, ‘तेरी मेरी बात’ की रचनाओं ने जीता दिल
- हास्य, प्रेम, विरह और भक्ति के रंगों से सजी काव्य संध्या, श्रोताओं ने की सराहना
- ‘जाने क्या वजह हुई’ से लेकर ‘मंदिर बनाऊं मैं या निज घर बनाऊं मैं’ तक, रचनाओं ने छोड़ी गहरी छाप
मध्य प्रदेश के उज्जैन से जहाँ साहित्य और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब शहर के ख्यात अधिवक्ता और कवि अजयसिंह गौतम के काव्य संग्रह ‘तेरी मेरी बात’ की कविताओं, गीतों और ग़ज़लों की संगीतमय प्रस्तुति का आयोजन किया गया।
मध्यप्रदेश समाज विज्ञान संस्थान, भरतपुरी स्थित एम्फीथिएटर सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में अजयसिंह गौतम की विभिन्न रचनाओं को संगीतबद्ध स्वरूप में प्रस्तुत किया गया, जिनमें प्रेम, विरह, पारिवारिक भावनाएं, हास्य, सामाजिक जीवन और भक्ति के विविध रंग दिखाई दिए।
कार्यक्रम में प्रस्तुत कविता जाने क्या वजह हुई, जो सपने धूल हो गए ने श्रोताओं को भावुक कर दिया, वहीं "जरूरी कौन पत्नी या फोन" जैसी हास्य रचना ने खूब गुदगुदाया। राधा-कृष्ण आधारित गीतों और पारिवारिक मूल्यों पर केंद्रित रचनाओं ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का संचालन शैलेन्द्र मालवीय ने संवाद शैली में किया, जिसमें श्रोताओं ने प्रश्न पूछे, सुझाव दिए और कवि को शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर न्यायपालिका, साहित्य, शिक्षा, प्रशासन, चिकित्सा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
करीब 250 साहित्य एवं संगीत प्रेमियों ने कार्यक्रम का आनंद लिया और बाद में आयोजित सहभोज में भी शामिल हुए। यह आयोजन साहित्य, संगीत और मानवीय संवेदनाओं का एक यादगार उत्सव बन गया। देखे मध्य प्रदेश से कमल चौहान की खास रिपोर्ट
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