वृन्दावन। रामताल रोड़ स्थित गणेश सिटी सोसायटी के श्रीराधा नील माधव जू मन्दिर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ प्रारम्भ हो गया है।महोत्सव का शुभारंभ श्रीमज्जगद्गुरू श्रीनाभापीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज के द्वारा ग्रंथ पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इससे पूर्व गाजे-बाजे के मध्य श्रीमद्भागवतजी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई।जिसमें सैकड़ों महिलाएं पीत वस्त्र पहने व सिर पर मंगल कलश लिये शामिल हुईं।
तत्पश्चात व्यास पीठ पर आसीन ठाकुर श्रीराधा रमण मंदिर के सेवाधिकारी आचार्य पद्म लोचन गोस्वामी महाराज ने अपनी सुमधुर वाणी के द्वारा समस्त भक्तों-श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत में समस्त धर्म ग्रंथों का समावेश है।क्योंकि महर्षि वेदव्यासजी महाराज ने सभी ग्रंथों की रचना करने के बाद श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना की थी।इसीलिए इसे पंचम वेद माना गया है।वस्तुत: मनुष्य की मोक्ष प्राप्ति का यदि कोई सर्वोत्तम मार्ग है, तो वो श्रीमद्भागवत महापुराण है।
श्रद्धेय आचार्य पद्म लोचन गोस्वामी महाराज ने कहा कि अखिल कोटि ब्रह्माण्ड नायक परब्रह्म परमेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का शब्द स्वरूप ग्रंथ श्रीमद्भागवत महापुराण साक्षात कल्पवृक्ष के समान है।इसका आश्रय लेने वाले व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।साथ ही उनके सभी पापों का क्षय हो जाता है।
कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्रीमज्जगद्गुरू श्रीनाभापीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज, पूज्य व्यासजी महाराज एवं समस्त भक्त परिकर के द्वारा वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया गया।
इस अवसर पर महंत अवधेश दास महाराज (बयाना), प्रख्यात साहित्यकार "यूपी रत्न" डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, महोत्सव के आयोजक प्रणव अवस्थी, मनीषा गोस्वामी, कुमकुम शर्मा, अजय शर्मा, राजकुमार शर्मा, डॉली शर्मा, धनंजय गोस्वामी, विदुषी गोस्वामी, शैफाली शर्मा, भरत शर्मा, भूपेन्द्र चौधरी, बाल कृष्ण शर्मा आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
