फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। समाज में सेवा, सम्मान और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में गुरुवार को महुली स्थित वृद्धाश्रम में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “मेरा युवा भारत” एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में युवाओं ने वृद्धजनों के बीच पहुंचकर न केवल फल एवं जूस वितरित किए, बल्कि उनके साथ समय बिताकर अपनत्व और सम्मान का एहसास भी कराया। अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित इस पहल का उद्देश्य युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सेवा भावना का विकास करना था। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों से बातचीत की, उनकी दिनचर्या और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली तथा उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास किया। लंबे समय बाद अपने बीच युवाओं को पाकर कई बुजुर्ग भावुक भी नजर आए।वोकार्यक्रम में उपस्थित श्याम नारायण पटेल ने कहा कि बुजुर्ग किसी भी समाज की अमूल्य विरासत होते हैं। उनके अनुभव और जीवन संघर्ष नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वह समाज हमेशा संस्कारों और मानवीय मूल्यों से समृद्ध रहता है।वोसिद्धार्थ सिंह ने कहा कि वृद्धाश्रम में आकर बुजुर्गों के साथ कुछ पल बिताना केवल सेवा नहीं, बल्कि जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव है। इससे युवाओं में संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेकर समाज के कमजोर और उपेक्षित वर्गों के प्रति अपना दायित्व निभाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान वृद्धजनों के चेहरों पर मुस्कान और संतोष के भाव देखने को मिले। युवाओं द्वारा किए गए इस छोटे से प्रयास ने यह संदेश दिया कि बुजुर्गों को केवल भौतिक सहायता ही नहीं, बल्कि प्रेम, सम्मान और अपनत्व की भी आवश्यकता होती है। इस अवसर पर महुली के सभासद दीपक कुमार उमरवैश्य, शुभम उमरवैश्य, अंबिका प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने ऐसे सामाजिक और सेवा आधारित कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। यह आयोजन युवाओं और बुजुर्गों के बीच पीढ़ियों के संवाद का एक सुंदर उदाहरण बना, जिसने सेवा, सहयोग और मानवता के मूल्यों को और अधिक मजबूत करने का कार्य किया। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
