यूपी प्रतापगढ़। गंगा दशहरा के पावन पर्व पर मां बेल्हा देवी धाम में आस्था का ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसने हर श्रद्धालु को भावविभोर कर दिया। मां सई गंगा के तट पर स्थित बेल्हा देवी घाट 21000 दीपों की अलौकिक रोशनी से जगमगा उठा। घाट से मंदिर तक हर ओर दीपों की कतारें, भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि और “जय मां सई गंगा” के जयघोष वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। श्री गंगा दशहरा महोत्सव के अवसर पर आयोजित भव्य महाआरती में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शाम ढलते ही जैसे ही दीप प्रज्ज्वलित हुए, पूरा धाम स्वर्गिक आभा से चमक उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो धरती पर दीपों का आकाश उतर आया हो। काशी से आए 11 विद्वान पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, घंटा और घड़ियाल की गूंज के बीच मां सई गंगा की भव्य महाआरती संपन्न कराई। आरती का दिव्य दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आध्यात्म का अविस्मरणीय क्षण बन गया। हजारों श्रद्धालु हाथ जोड़कर मां की आराधना में लीन नजर आए।
समिति अध्यक्ष एवं धाम के उप प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह ‘मुन्ना भैया’ ने कहा कि मां बेल्हा देवी की कृपा से हर वर्ष महोत्सव भव्यता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। वहीं संयोजक रोशनलाल उमरवैश्य ने बताया कि इस बार 21000 दीपों से धाम को सजाकर गंगा दशहरा को ऐतिहासिक स्वरूप दिया गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कई थानों की पुलिस, महिला पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ व्यवस्था संभालते नजर आए। महाआरती के बाद भजन, झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आतिशबाजी की चमक ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। इस दौरान नदी संरक्षण, जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने का संकल्प भी दिलाया गया तथा पौधरोपण कर लोगों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। मंगला प्रसाद ‘रघु पंडा’ और उनकी टीम ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे और मां सई गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते रहे। देखें प्रतापगढ़ से विशाल रावत की ख़ास रिपोर्ट
बाइट, संयोजक रोशनलाल उमरवैश्य

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