वाराणसी । वाराणसी के अस्सी घाट पर गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला…
जहां ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ न्यास, काशी एवं श्रीकुल पीठ के तत्वावधान में आयोजित “माँ गंगा प्राकट्य उत्सव” पूरे भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं, मातृशक्ति और युवाओं ने सहभागिता करते हुए माँ गंगा का पूजन-अर्चन किया।
पूज्य श्री श्री 1008 डॉ. सचिन्द्र नाथ महाराज ने कहा कि गंगा दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और मानव कल्याण का प्रतीक है। उन्होंने माँ गंगा को भारत की सांस्कृतिक चेतना और आस्था की अविरल धारा बताया।
महोत्सव के दौरान 56 परिवारों द्वारा माँ गंगा को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए, वहीं देश के विभिन्न राज्यों से आई 5100 साड़ियों से माँ गंगा को भव्य चुनरी अर्पित की गई।
इसके साथ ही 501 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक, भव्य गंगा आरती और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे घाट को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण उस समय देखने को मिला जब मंच से औपचारिक घोषणा की गई कि देश के प्रधानमंत्री और काशी के सांसद नरेंद्र मोदी को “गंगा भगीरथ विश्वगुरु काशी सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा।
पूज्य महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा काशी के आध्यात्मिक पुनरुत्थान, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, माँ गंगा के संरक्षण और सनातन संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए किए गए कार्य ऐतिहासिक हैं।
कार्यक्रम के अंत में पूज्य महाराज ने समस्त काशीवासियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए माँ गंगा से विश्व कल्याण और राष्ट्र की समृद्धि की कामना की ।। रविन्द्र गुप्ता
