फ़ास्ट न्यूज इंडिया यूपी बुलन्दशहर। शिकारपुर नगर के जहांगीराबाद रोड स्थित किसान भवन पर भारतीय किसान यूनियन भाकियू से जुड़े सैकड़ों किसान एकजुट हुए क्षेत्राधिकारी पुलिस के कथित गलत व्यवहार और पुलिस की मनमानी कार्यप्रणाली के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा किसान भवन से शुरू हुआ यह आक्रोशित पैदल मार्च जय जवान-जय किसान और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए क्षेत्राधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ा चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा भारी पुलिस बल छावनी में बदला नगर किसानों के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे परशुराम चौक से लेकर क्षेत्राधिकारी कार्यालय तक का पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया सीओ कार्यालय से काफी पहले ही बैरिकेडिंग लगा कर रास्ता पूरी तरह बन्द कर दिया गया था सबसे ज्यादा पुलिस फोर्स जहांगीराबाद चुंगी से लेकर क्षेत्राधिकारी कार्यालय तक चप्पे-चप्पे पर तैनात रही भारी मात्रा में पुलिस बल की मौजूदगी को देख कर स्थानीय राहगीरों और नगरवासियों के बीच दिन भर यह चर्चा बनी रही कि आज क्षेत्र में कौन सा बड़ा अधिकारी या वीआईपी आ रहा है एसपी देहात, ने जताया खेद दरोगा पर कार्रवाई का भरोसा किसानों का काफिला जब सीओ कार्यालय की तरफ बढ़ रहा था तभी कार्यालय से पहले ही एसपी देहात ने किसानों को रोक लिया और उनसे वार्ता की किसानों ने आरोप लगाया कि एक स्थानीय दरोगा द्वारा दुर्भावनापूर्ण तरीके से गलत मुकदमों में कार्रवाई की गई है साथ ही क्षेत्राधिकारी द्वारा किसानों के साथ बेहद अभद्र और गलत व्यवहार किया गया किसानों के आक्रोश को देखते हुए एसपी देहात ने क्षेत्राधिकारी द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर खेद व्यक्त किया उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि सम्बन्धित दरोगा द्वारा की गई गलत कार्रवाई की जांच कर उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसानों या किसी भी आम नागरिक के साथ पुलिस द्वारा ऐसा अमर्यादित व्यवहार नहीं किया जाएगा ज्ञापन सौंप कर दी बड़े आंदोलन की चेतावनी एसपी देहात के सकारात्मक आश्वासन और खेद प्रकट करने के बाद किसान शान्त हुए और अपनी पंचायत को समाप्त करने का निर्णय लिया इसके बाद किसानों ने अपनी मांगों से सम्बन्धित एक ज्ञापन एसपी देहात को सौंपा किसान नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में दोबारा किसानों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ या पुलिसिया उत्पीड़न बन्द नहीं हुआ तो भाकियू एक बड़ा और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी । रिपोर्ट सुनील कुमार 151044 750
