री-एडमिशन फीस, ड्रेस और किताबों की मनमानी बिक्री पर जताया विरोध
निजी विद्यालयों की जांच हेतु समिति गठन की उठाई मांग
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जनपद में निजी विद्यालयों द्वारा कथित मनमानी फीस वसूली और शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मोर्चा खोल दिया है। अभाविप कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को 17 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपते हुए निजी विद्यालयों की जांच के लिए समिति गठित करने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से अभाविप ने आरोप लगाया कि जिले के कई निजी विद्यालय अभिभावकों पर री-एडमिशन फीस के नाम पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बना रहे हैं। हर वर्ष छात्रों से मनमाने ढंग से भारी शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे मध्यमवर्गीय एवं गरीब परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। अभाविप के जिला संयोजक शुभम मिश्र ने कहा कि शिक्षा सेवा का माध्यम होनी चाहिए, न कि व्यवसाय का केंद्र। उन्होंने आरोप लगाया कि कई निजी विद्यालय बिना किसी स्पष्ट मानक के अभिभावकों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि स्कूल फीस को लेकर एक स्पष्ट गाइडलाइन बनाई जाए, ताकि अभिभावकों का आर्थिक शोषण रोका जा सके। कुंडा जिला संयोजक अमर सिंह ने कहा कि जिले के अधिकांश निजी विद्यालय अपने परिसर में ही किताबें और ड्रेस बेचते हैं या फिर किसी एक निश्चित दुकान से खरीदने का दबाव बनाते हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। इससे अभिभावकों को मजबूरी में महंगे दामों पर सामान खरीदना पड़ता है। अभाविप प्रतापगढ़ विभाग संगठन मंत्री अनिल ने कहा कि शिक्षा के नाम पर चल रही मनमानी पर रोक लगाने के लिए एक निष्पक्ष जांच समिति गठित की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि समिति में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को भी सदस्य बनाया जाए, ताकि जांच पारदर्शी तरीके से हो सके। साथ ही गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि शिक्षा के बाजारीकरण पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में अभिभावकों की परेशानियां और बढ़ेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर परिषद आगे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस अवसर पर पूर्व प्रांत सह मंत्री सुधांशु रंजन मिश्र, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य रोहित उपाध्याय, शशांक सिंह, तहसील संयोजक स्वतंत्र पाण्डेय, शनि शर्मा, अभिषेक शुक्ल, शुभम पाल, श्लोक ओझा, सुशांत राजपूत, शौर्य ओझा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
