श्रीरामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ घोषित करने को लेकर श्रीशंकराचार्य को सौंपा गया पत्रक
टोड़ी का पुरवा में जगदगुरू श्री शंकराचार्य को श्रीरामचरितमानस ग्रन्थ को राष्ट्रीय ग्रन्थ के बाबत पत्रक सौंपते समिति के पदाधिकारी
टोड़ी का पुरवा में श्री शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी का स्वागत करते समिति के राष्ट्रीय संयोजक ज्ञानप्रकाश शुक्ल
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी बाघराय, प्रतापगढ़। गविष्ठि यात्रा लेकर प्रतापगढ़ पहुंचे ज्योतिषपीठ बदरिका आश्रम के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महराज का शुक्रवार की देर शाम टोड़ी का पुरवा में रात्रि प्रवास हुआ। जगदगुरू शंकराचार्य के रात्रि प्रवास को लेकर समाजसेवी उज्ज्वल शुक्ल एवं डा0 नीरज शुक्ल की अगुवाई में ग्रामीणों ने गाजे बाजे व पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। यहां श्री शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का अनुयायियों एवं श्रद्धालुओं ने पादुका पूजन के साथ भव्य आरती भी उतारी। कार्यक्रम में पहुंचे श्रीरामचरितमानस राष्ट्रीय ग्रन्थ संरक्षा अभियान समिति के राष्ट्रीय संयोजक ज्ञानप्रकाश शुक्ल व सह संयोजक अनिल त्रिपाठी महेश ने श्री शंकराचार्य का अभिनंदन किया। समिति की ओर से उन्हें राष्ट्रीय संयोजक ज्ञानप्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में श्रीरामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ घोषित किये जाने एवं मानस ग्रंथ के साथ श्रीमदभागवतगीता तथा श्री बाल्मीकि रामायण के अनादर को राष्ट्रद्रोह की सूची में शामिल किए जाने को लेकर पत्रक भी सौंपा गया। श्री शंकराचार्य ने अभियान के इस प्रशंसनीय कार्य को लेकर ज्योतिषपीठ की ओर से मंगलकामना प्रकट की। राष्ट्रीय संयोजक ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने अपने उदबोधन में श्री शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महराज के गोमाता की पूजा एवं संरक्षा के अभियान को सनातन संस्कृति की सुरक्षा एवं दीर्घजीवी सुपथ के लिए वंदनीय कहा। स्वागत कार्यक्रम के संयोजक उज्ज्वल शुक्ल ने श्री शंकराचार्य को श्रद्धालुओं के साथ गोमाता का चित्र भेंट किया। संचालन देवेन्द्र पाण्डेय गोपी ने किया। कार्यक्रम में समाजसेवी शिवप्रकाश मिश्र सेनानी, किसान नेता करूण पाण्डेय, शिक्षक नेता आलोक शुक्ल, वरिष्ठ पत्रकार अजय पाण्डेय, संतोष पाण्डेय ने अपने विचार रखते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी को सनातन संस्कृति का पोषक कहा। वहीं शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने तिलक अभिषेक व आरती पूजन के मध्य श्री शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महराज को जनपद सीमा तक भावभीनी विदाई दी। इस मौके पर डॉ0 शिवेशानंद, डा0 निशिता, सोमनाथ मिश्र, अंकुर शुक्ल आदि मौजूद रहे। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
