- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का प्रतापगढ़ में भव्य स्वागत, नगर हुआ भक्तिमय
- शंकराचार्य ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए जनआंदोलन का किया आह्वान
- प्रतापगढ़ में धर्म और सामाजिक समरसता का संगम, विभिन्न समुदायों ने किया स्वागत
- डॉ. नीरज त्रिपाठी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार अभिनंदन
- “गौ माता भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक” — शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
- अल्पसंख्यक समाज के समर्थन को शंकराचार्य ने बताया राष्ट्रीय एकता और सौहार्द का प्रतीक
यूपी प्रतापगढ़। धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का प्रतापगढ़ नगर में भव्य आगमन हुआ। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी एवं जिला प्रभारी डॉ. शिवेशानंद के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं, गुलाब की पंखुड़ियों और अंगवस्त्र भेंट कर उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे नगर में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। शंकराचार्य महाराज के स्वागत के दौरान विभिन्न समुदायों के लोगों की भारी भागीदारी ने सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया। जगह-जगह जयघोष और स्वागत नारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की मांग को देशव्यापी जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता केवल एक पशु नहीं बल्कि आस्था, सेवा और जीवन मूल्यों का प्रतीक हैं। सनातन धर्म सदैव समस्त मानवता और जीवों के कल्याण की भावना “वसुधैव कुटुम्बकम” को लेकर चलता है। उन्होंने कहा कि जो लोग गौ हत्या का समर्थन करते हैं, वे भारतीय संस्कृति और सभ्यता के विरोधी हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब देश की जनता राजनीतिक दलों के दोहरे चरित्र को समझ चुकी है और केवल भावनात्मक मुद्दों पर राजनीति करने वालों से सावधान रहने की आवश्यकता है।शंकराचार्य महाराज ने प्रतापगढ़ की जनता की सराहना करते हुए कहा कि यहां उन्हें अपार स्नेह और सम्मान मिला। उन्होंने विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया कि अल्पसंख्यक समाज के लोग भी गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग का समर्थन कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतापगढ़ सदैव धार्मिक और सामाजिक सद्भाव की भूमि रही है। देखें प्रतापगढ़ से विशाल रावत की ख़ास रिपोर्ट

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