फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। परमाराध्य परम धर्माधीश ज्योर्तिमठ उत्तराखंड हिमालय के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रतापगढ़ आगमन पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे एवं अनिरुद्ध रामानुज दास के नेतृत्व में महाराणा प्रताप चौराहे पर अनेकों ब्राह्मणों और श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुष्पमालाएं अर्पित कर उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूज्य शंकराचार्य जी ने गौ रक्षा का संदेश देते हुए अपनी तर्जनी उंगली उठाकर उपस्थित जनसमूह से कहा कि “आप सभी भगवान के अंश हैं।” उन्होंने धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे से प्रश्न किया कि भगवान इसी उंगली में क्या धारण कर संसार की रक्षा करते हैं। इस पर अनिरुद्ध रामानुज दास ने उत्तर देते हुए कहा कि भगवान सुदर्शन चक्र धारण कर संसार की रक्षा करते हैं। इसके बाद सभी लोगों को गौ माता की रक्षा करने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में पूज्य शंकराचार्य जी ने धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी पर पुस्तक लिखने वाले डॉ. संगम लाल त्रिपाठी ‘भंवर’ को माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम एवं पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। वहीं धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे को अपने साथ वाहन में बैठाकर आगे की यात्रा पर रवाना हुए। सई नदी पुल पर पहुंचने के दौरान शंकराचार्य जी ने मां मां बेल्हा देवी धाम को नमन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गलत सूचना दी गई थी कि अत्यधिक भीड़ के कारण वाहन आगे नहीं जा पाएगा, जिसके चलते वे दर्शन नहीं कर सके। इस पर उन्होंने मां बेल्हा देवी से क्षमा याचना भी की। धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे ने शंकराचार्य जी को अपनी पुस्तक “मां वाराही माहात्मय” एवं श्री जगन्नाथ जी का महाप्रसाद भेंट किया। पूज्य शंकराचार्य जी ने अंगवस्त्रम एवं माल्यार्पण कर उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान गौ रक्षा यात्रा और सनातन धर्म के विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे ने आश्वस्त किया कि श्री संप्रदाय के अनेक संत इस धर्मयात्रा में उनके साथ हैं। उन्होंने मांग उठाई कि गौ माता को “राज्य माता” का दर्जा दिया जाए, गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे तथा बूचड़खाने बंद किए जाएं, तभी धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी का सपना साकार होगा। स्वागत समारोह में आलोक ऋषिवंश, राम सजीवन मिश्रा, शैलेंद्र सिंह योगीराज, डॉ. नीरज त्रिपाठी, आचार्य शशांक द्विवेदी, आचार्य अमन तिवारी, आचार्य हरिहर, आचार्य अंशुमान, आचार्य गोविंद तिवारी, आचार्य अनमोल मिश्रा, आचार्य पवन शुक्ला, शेखर त्रिपाठी, वात्सल्य ऋषिवंश, वाचस्पति ऋषिवंश, बाबा हरिशंकर मिश्रा, श्रीमती किरन मिश्रा सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049

